भिलाई नगर 18 जून। साहित्य – संस्कृति मर्मज्ञ आचार्य डॉ.महेशचन्द्र शर्मा की मान्यता है कि साहित्य समाज का दर्पण है, ये हमारे व्यवहार में भी दिखना चाहिये। संवेदना और सेवा की भावना की आज बड़ी आवश्यकता है। सामाजिक सहानुभूति साहित्य में प्रतिबिम्बित होती।

आचार्य डॉ. शर्मा ने इसी सन्दर्भ में न केवल आस्था वृद्धाश्रम सेक्टर एक में वृद्ध और वृद्धाओं की सेवा की अपितु बहुउद्देशीय संस्था आस्था द्वारा आयोजित दिव्यांग एवं निर्धन सामूहिक विवाह में भी सहयोग एवं आशीर्वाद दिया।

डॉ महेश शर्मा के साथ धर्मपत्नी श्रीमती गौरी शर्मा भी वृद्धाश्रम गईं। पचास जोड़ी वस्त्र एवं शाॅल आदि देकर वृद्धजनों का सम्मान शर्मा दम्पत्ति द्वारा किया गया।

