रेल पटरी के बीच लगा दिया बिजली का खंभा, अधिकारियों का बयान सुन उड़ जायेंगे “होश”
सागर, 24 अगस्त। जिले में रेलवे की तीसरी लाइन का काम चल रहा है। इस बीच ट्रैक के बीचोबीच बिजली के पोल लगाने की चर्चा है। लोग इसे स्मार्ट इंजीनियरिंग की अनूठी मिसाल बता रहे हैं। रेलवे का कहना है कि सारा काम योजना के मुताबिक हो रहा है और उसके साथ कुछ भी गलत नहीं है।
गौरतलब हो कि बीना कटनी के बीच तीसरी रेल लाइन का कार्य प्रगति पर है। रेलवे ने स्मार्ट इंजीनियरिंग का दावा करते हुए नरावली और असवरारा के बीच साढे़ सात किलोमीटर लंबी रेल लाइन में ऐसी उपलब्धि हासिल की है कि उसकी क्षमता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। निर्माण विभाग ने यहां रेल पटरी बिछा दी और बिजली विभाग ने बीच पटरी पर बिजली का पोल लगा दिया। अब 1 किमी रेल ट्रैक को नए सिरे से शिफ्ट करना होगा, क्योंकि लाइन में पोल लग चुका है।
दरअसल, यहां ठेकेदार ने सेंटर ट्रैक से अलाइनमेंट का मिलान किए बिना ही 3 से 5 मीटर दूर ट्रैक बिछा दिया। बिजली विभाग ने फाल्ट को ठीक करने की बजाय ट्रैक पर ही पोल लगा दिया। ऐसा ही मेस असवरारा स्टेशन भवन के पास बनाया गया। यहां भी ट्रैक के अंदर पोल लगा दिए गए थे यानि दोनों विभागों के बीच तालमेल की कमी के चलते ऐसा कुछ हुआ है। अब अधिकारी गलती मानने को तैयार नहीं हैं और नया शेड्यूल बिल्डिंग और ट्रैक दोनों को हटाने की बात कर रहा है लेकिन सवाल यह है कि इस पर खर्च किए गए पैसे की भरपाई कौन करेगा?
जबलपुर मंडल के सीपी आरओ राहुल श्रीवास्तव का कहना है कि यह अस्थायी लाइन है, वह हिल जाएगी। पूर्व निर्धारित डिजाइन के अनुसार डबल लाइन बिछाई जाएगी। कई प्रोजेक्ट हैं। इसमें कुछ भी अनियोजित नहीं है। रेलवे को कोई आर्थिक नुकसान नहीं होगा। जब एक डबल लाइन डाली जाती है, तो कुछ संरचना रास्ते में आ जाती है और इस तरह काम करती है।

