डीयू की उड़नदस्ता टीम ने पकड़े 48 नकलची, मोबाइल फोन को बनाया माध्यम

डीयू की उड़नदस्ता टीम ने पकड़े 48 नकलची, मोबाइल फोन को बनाया माध्यम


🛑 प्रवेश पत्र एवं रुमाल में लिखो मिले Answer

दुर्ग, 03 अप्रैल । हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग की वार्षिक परीक्षा 2024-25 विभिन्न महाविद्यालयों में जारी हैं। जिसमें नकल प्रकरणों के रोकथाम एवं परीक्षा के सुचारू रूप से संचालन हेतु विश्वविद्यालय द्वारा दो उड़नदस्ता टीम की गठन किया गया हैं। जिसमें खेल संचालक डाॅ. दिनेश कुमार नामदेव, डाॅ. नरेशधर दिवान क्रीड़ाधिकारी, शासकीय महाविद्यालय, जामगांव-आर, अमरीक सिंह पूर्व क्रीड़ाधिकारी, डाॅ. ऋतु दुबे क्रीड़ाधिकारी, शासकीय कन्या महाविद्यालय दुर्ग, डाॅ. रमेश त्रिपाठी क्रीड़ाधिकारी, शासकीय महाविद्यालय भिलाई-03, डाॅ. अल्का मिश्रा सहायक प्रोफेसर, शासकीय विज्ञान महाविद्यालय, दुर्ग हैं। डाॅ. दिनेश नामदेव ने जानकारी देते हुए बताया कि विश्वविद्यालय उड़नदस्ता टीम ने लगातार निरीक्षण कर रहे है। जिसमें अभीतक नकल प्रकरणों में शासकीय आचार्य पंथ श्री गृथमुनी नामसाहेब महाविद्यालय कवर्धा में 05, शासकीय विश्वनाथ तामस्कर यादव महाविद्यालय दुर्ग 05, शासकीय कन्या महाविद्यालय दुर्ग में 03, शासकीय महाविद्यालय साजा में 03, भिलाई महिला महाविद्यालय में 03, शासकीय रश्मिदेवी महाविद्यालय खैरागढ़ में 03, शासकीय जवाहर लाल नेहरू पीजी महाविद्याल बेमेतरा 02 शासकीय नवीन महाविद्यालय बेरला में 02 श्री शंकराचार्य महाविद्यालय जुनवानी भिलाई में 02 सेठ रतनचंद सुराना महाविद्यालय दुर्ग 02, शासकीय कन्या महाविद्यालय कवर्धा में 02, सेजम माॅडल काॅलेज सोमनी में 02, शासकीय महाविद्यालय अम्बागढ़ चैकी में 02, शासकीय महाविद्यालय पाण्डातराई में 02 तथा विभिन्न महाविद्यालयों में 01-01 नकल पकड़ा गया। इस प्रकार कुल 48 नकल प्रकरण बनाया गया। विश्वविद्यालय उड़नदस्ता समिति द्वारा निरीक्षण के दौरान पाया गया कि अधिकांश छात्र/छात्राएं प्रवेश पत्र में विषय से संबंधित उत्तर लिखे हुए मिले, बोर्ड में पेसिंल से लिखे मिले, रूमाल में संबंधित प्रश्नों के उत्तर लिखे मिले, हथेली में प्रश्न से संबंधित उत्तर लिखे मिले, पुराने प्रश्न पत्र के अंदर संबंधित प्रश्नों के उत्तर लिखे मिले व जेब में पर्ची तथा मोबाईल से भी नकल करते पाया गया। उड़नदस्ता समिति द्वारा परीक्षार्थियों को नकल प्रकरण के संबंध में समझाईस भी दिया जा रहा है। विश्वविद्यालय उड़नदस्ता समिति द्वारा आगे भी विभिन्न महाविद्यालयों की निरीक्षण जारी रहेगें।