दुर्ग पुलिस से 8 घंटे में सुलझाई अंधे कत्ल की गुत्थी 🟥 पुराने लेन देन के चलते हुई शाहरुख की हत्या

दुर्ग पुलिस से 8 घंटे में सुलझाई अंधे कत्ल की गुत्थी 🟥 पुराने लेन देन के चलते हुई शाहरुख की हत्या



भिलाई नगर, 25 फरवरी। बत्तीस बंगला के सामने गैरेज रोड के किनारे झाड़ियों में एक अज्ञात शव होने की सूचना प्राप्त होने पर पुलिस द्वारा मौके पर पहुँच कर शव पंचनामा कार्यवाही की गई जो प्रथम दृष्टया हत्या होना प्रतीत होने पर थाना भिलाई नगर में मामला पंजीबद्ध किया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक दुर्ग जितेन्द्र शुक्ला के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने तत्काल टीम गठित कर रवाना किया। मृतक की शिनाख्त शेख शाहरूख जो इंदिरा मार्केट सायकल स्टैण्ड में काम करता था के रूप में हुई।


आज पत्रकारवार्ता में एसपी ने बताया कि टीम द्वारा मृतक के दोस्तों से पूछताछ करने पर मृतक को आखिरी बार दुर्ग आईडीबीआई बैंक पोलसाय पारा के सामने 23 फरवरी की शाम को देखना बताया, जिसके आधार पर पुलिस टीम द्वारा सीसीटीव्ही फुटेज को खंगाला गया जिसमें मृतक किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ बैठ कर जाते दिखा। इस आधार पर पुलिस टीम कई सीसीटीव्ही फुटेज का अवलोकन कर उस अज्ञात व्यक्ति की पतासाजी में जुट गई। जो टीम को इंदिरा मार्केट के फुटेज से जानकारी प्राप्त हुआ कि एक अज्ञात व्यक्ति स्प्लेंडर मोटर सायकल में आकर मार्केट के चारों तरफ घूम कर मृतक शेख शाहरूख को तलाश किया। जब शेख शाहरूख इंदिरा मार्केट में नही मिला तब आरोपी ने मार्केट के एक व्यक्ति से मोबाईल मांग कर आरोपी से बातचीत कर उसका लोकेशन लिया जबकि आरोपी के पास स्वयं का अपना मोबाईल रखने के बाद भी अपनी उपस्थित एवं पहचान छिपाने के लिए अन्य व्यक्ति के मोबाईल से फोन कर मृतक से आईडीबीआई एटीएम पोलसाय पारा दुर्ग में जाकर मिला जहां पर आरोपी ने मृतक को बातचीत कर मोटर सायकल में बैठाकर अपने साथ ले जाते पता चला। सीसीटीव्ही फुटेज के अवलोकन से अज्ञात आरोपी के फुटेज को मृतक शेख शाहरूख के मित्र एवं परिजनों के दिखाने पर अज्ञात व्यक्ति की पहचान आकाश नंदनवार निवासी जयंती नगर दुर्ग के रूप में हुआ। जो तकनीकी सहयोग के माध्यम से आरोपी आकाश नंदनवार को देर रात में जयंती नगर दुर्ग से हिरासत में लिया जाकर घटना के संबंध में पूछताछ करने पर आरोपी द्वारा घटना के संबंध में अनभिज्ञता जाहिर करने लगे जिनसे मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ करने पर आरोपी ने घटना कारित करना स्वीकार कर बताया कि आरोपी आकाश नंदनवार, मृतक शेख शाहरूख से पिछले 10-15 वर्ष पूर्व से ही परिचित था। आरोपी ने मृतक को करीब डेढ़ लाख रुपए देकर रखे थे, वापस मांगने पर वह चार पांच महीने से उसको घुमा रहा था। उसे लगातार इग्नोर कर रहा था, कॉल भी नहीं उठा रहा था और उससे मिलने से भी बच रहा था। रायपुर से वह प्लान बना कर चला कि अगर आज पैसे नहीं मिलेंगे तो वह शाहरुख को मार देगा। वो शाम को इंदिरा मार्केट आया। शाहरुख को बुलाया और बटालियन के पास शराब और चिकन खरीदकर खाया और फिर घूमते हुए बत्तीस बंगला के पास जब आए तो उसने टॉयलेट के बहाने झाड़ियों के पीछे लेकर गया और वहां उसको पहले धक्का दिया फिर उस पर हमला कर अपराध कारित किया। उसके पास से जो मोबाइल था, वो घटना के बाद स्विच ऑफ हुआ, आरोपी से बरामद कर लिया गया है। जिस बाइक दोनों घूम रहे थे वो आरोपी के पास से बरामद हुई है।