दशहरा और दुर्गा विसर्जन पर दुर्ग पुलिस अलर्ट, 766 पुलिसकर्मियों की तैनाती; 174 स्थलों पर होगा रावण दहन

दशहरा और दुर्गा विसर्जन पर दुर्ग पुलिस अलर्ट, 766 पुलिसकर्मियों की तैनाती; 174 स्थलों पर होगा रावण दहन


🛑20 और 21 अक्टूबर को जिले के 706 आयोजन एवं विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था, दो सेक्टरों में बांटा गया जिला

दुर्ग, 19 अक्टूबर 2026। दशहरा, रावण दहन और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दुर्ग पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था तैयार की है। 20 और 21 अक्टूबर को होने वाले आयोजनों के मद्देनजर जिले में कुल 766 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित की गई है। पुलिस का विशेष फोकस आयोजन स्थलों की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और महिलाओं की सुरक्षा पर रहेगा।

दुर्ग पुलिस के अनुसार, जिले में दशहरा एवं रावण दहन के लिए 174 आयोजन स्थलों तथा दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए 532 स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इस तरह कुल 706 स्थलों को सुरक्षा योजना में शामिल किया गया है। पुलिस प्रशासन के साथ कार्यपालिक मजिस्ट्रेट, आपदा प्रबंधन दल और अग्निशमन विभाग भी समन्वय के साथ काम करेंगे।

दो सेक्टरों में बांटा गया जिला

सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए जिले को दो सेक्टरों में विभाजित किया गया है।

सेक्टर-A: दुर्ग एवं धमधा के प्रभारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मणिशंकर चन्द्रा होंगे। इस सेक्टर में दुर्ग, पद्मनाभपुर, मोहन नगर, पुलगांव सहित धमधा अनुविभाग के संबंधित थाना एवं चौकी क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात रहेगा।

सेक्टर-B: भिलाई एवं पाटन की जिम्मेदारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) सोबराज अग्रवाल को सौंपी गई है। इस सेक्टर में भिलाई नगर, भिलाई भट्ठी, नेवई, सुपेला, स्मृतिनगर, वैशाली नगर, छावनी, जामुल, खुर्सीपार, पुरानी भिलाई, कुम्हारी और पाटन क्षेत्र के आयोजन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था संभाली जाएगी।

766 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी निर्धारित

पुलिस के ड्यूटी चार्ट के अनुसार, जिला स्तर पर 9, थाना स्तर पर 379, रक्षित केंद्र दुर्ग से 275 और यातायात शाखा में 103 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों का बल दर्शाया गया है। चार्ट में कुल संख्या 766 अंकित है। हालांकि, इन श्रेणियों का जोड़ 766 के बजाय 766 ही है—इसलिए आधिकारिक आंकड़े के प्रकाशन से पहले विभागीय पुष्टि उचित होगी।

विसर्जन स्थलों और प्रमुख मार्गों पर रहेगी निगरानी

दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए जिले के 532 स्थलों पर पुलिस बल की तैनाती निर्धारित की गई है। संबंधित थाना और चौकी प्रभारी अपने क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करेंगे। श्रद्धालुओं की आवाजाही, भीड़ नियंत्रण और विसर्जन मार्गों पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

दशहरा और रावण दहन के 174 आयोजन स्थलों पर भीड़ की स्थिति, सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षित आवाजाही पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पुलिस टीमें अपने निर्धारित ड्यूटी स्थलों पर मौजूद रहकर किसी भी अव्यवस्था या विवाद की स्थिति में त्वरित कार्रवाई करेंगी।

ट्रैफिक के लिए तीन जोन, महिला सुरक्षा पर भी जोर

त्योहारी आयोजनों के दौरान बढ़ने वाले यातायात दबाव को देखते हुए यातायात व्यवस्था को तीन जोन में बांटा गया है। यातायात पुलिस आवश्यकतानुसार मार्ग प्रबंधन और वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करेगी, ताकि आयोजन स्थलों के आसपास यातायात सुचारू बना रहे।

महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए महिला रक्षा टीम की तैनाती भी की गई है। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में निगरानी रखी जाएगी और शिकायत मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

आपात स्थिति से निपटने के लिए भी इंतजाम

सुरक्षा योजना में कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के साथ SDRF, NDRF और अग्निशमन दल की व्यवस्था भी शामिल है। किसी भी आपातकालीन परिस्थिति, आगजनी या राहत-बचाव की जरूरत पड़ने पर संबंधित टीमें समन्वय के साथ कार्रवाई करेंगी। पुलिस कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचनाओं के आदान-प्रदान और आवश्यक सहायता की व्यवस्था रखी जाएगी।

दुर्ग पुलिस की नागरिकों से अपील

दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से दशहरा और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित बनाने में सहयोग करने की अपील की है। लोगों से पुलिस और यातायात कर्मियों के निर्देशों का पालन करने, निर्धारित मार्गों का उपयोग करने तथा भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने कहा गया है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि, विवाद, आगजनी या आपात स्थिति की सूचना तत्काल पुलिस को देने और अफवाहों से बचने की अपील भी की गई है।