सीजी न्यूज ऑनलाइन 29 नवंबर । पांच दिनों तक एक शख्स को डिजीटल अरेस्ट करके 49 लाख रुपए की ठगी की गई है। पुलिस ने इस मामले महाराष्ट्र के औरंगाबाद से एक आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। डिजीटल अरेस्ट के नाम पर 49 लाख रूपये की धोखाधड़ी के मामले का खुलासा किया है। प्रार्थी को व्हाट्अप कॉल व मैसेज के माध्यम से संपर्क कर ट्राई, सीबीआई, ईडी के अधिकारी बनकर, नोटिस भेजकर तथा सुप्रीम कोर्ट का अरेस्ट वारंट भेजकर भयभीत किया गया था। सीक्रेट सुपरविजन एकांउट में प्रार्थी से 49 लाख रूपये ट्रांसफर कराकर, पैसों को वेरिफाई करने के नाम पर धोखाधड़ी की थी। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त बैंक खातें में रजिस्टर्ड सिम व मोबाईल फोन बरामद किया गया है। प्रकरण में 01 आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। अन्य आरोपियों की पता तलाश की जा रही है। एन्टी क्राईम एवं सायबर यूनिट दुर्ग एवं थाना भिलाई नगर ने संयुक्त कार्यवाही की है।
प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना भिलाई नगर में अपराध क्रमांक 469/2024, धारा 318 (4) बीएनएस व 66 डी आई.टी. एक्ट का प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया था।
शुक्रवार को सेक्टर 6 कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में ASP सुखनंदन सिंह राठौर ने पूरे प्रकरण का खुलासा करते हुए बताया कि 16 नवंबर को रूआबांधा निवासी इंद्र प्रकाश कश्यप ने भिलाई नगर थाने में डिजीटल अरेस्ट होकर ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। प्रार्थी ने बताया कि अज्ञात नंबर से वाट्सअप कॉल के माध्यम से ठगों ने उसे ट्राई के नाम से फोन किया। उसके बाद अलग-अलग नंबरों से CBI, ED और सुप्रीम कोर्ट के गिरफ्तारी वारंट और नोटिस भेजकर झांसे में ले लिया। ठगों ने पांच दिनों तक उसे डिजीटल अरेस्ट करके रखा और इस बीच अलग-अलग खातों में 49 लाख रुपए धोखाधड़ी की। आरोपियों ने सीक्रेट सुपरविजन अकाउंट में प्रार्थी से 49 लाख रुपए ट्रांसफर कराए। पैसों को वेरिफाई करने के नाम पर धोखाधड़ी कर ली।
शिकायत मिलते ही पुलिस ने तुरंत एक टीम का गठन किया। पुलिस अधीक्षक जितेंद्र शुक्ला ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई के आदेश दिए। प्रार्थी से उपलब्ध अलग-अलग फोन नंबरों की जांच की गई। वहीं बैंक अकाउंट की भी डिटेल निकाली गई। जब सूूक्ष्मता से जांच की गई तो आरोपी के द्वारा औरंगाबाद के आईसीआईसीआई बैंक के एक खाते का उपयोग किया जाना पाया गया। पुलिस टीम ने तुरंत शाखा से संपर्क स्थापित करके खाता धारक के संबंध में विस्तृत जानकारी और फोन नंबर जुटाया। जिसके बाद भिलाई नगर थाना से एएसआई शमित मिश्रा, एंटी क्राइम साइबर यूनिट से हेड कांस्टेबल चंद्रशेखर बंजीर, आरक्षक रिंकू सोनी, शहबाज खान, जावेद हुसैन की टीम औरंगाबाद भेजी गई।
राहेगांव से पकड़ने में सफलता मिली।
आरोपियों का नाम –
- बापू श्रीधर भराड़ पिता स्व. श्रीधर भराड़ उम्र 40 वर्ष निवासी आर.एल. 96/01 एमआईडीसी वलूज ब्जाज नगर औरंगाबाद महाराष्ट्र स्थायी पता ग्राम राहेगांव थाना वैजापुर जिला संभाजीनगर महाराष्ट्र।
दुर्ग पुलिस की अपील :-
डिजिटल अरेस्ट जैसा कोई भी कानूनी प्रावधान नहीं है। यदि अंजान मोबाईल फोन से ट्राई, सीबीआई, ईडी के अधिकारी बनकर, मोबाईल फोन, व्हाटअप एवं ई-मेल के माध्यम से आपको किसी भी प्रकार का कॉल, मैसेज, भ्रामक नोटिस भेजकर झांसें में लिया जाता है तो कभी भी अपनी व्यक्तिगत एवं बैकिंग संबंधित जानकारी साझा न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत अपने परिजनों, परिचितों तथा पुलिस को सूचित करें। जिससे की उचित मार्गदर्शन प्राप्त हो सके और धोखाधड़ी की घटना होने से बचा जा सके। अज्ञात मोबाईल नम्बरों व ई-मेल के माध्यम से व्हाट्अप कॉल, मैसेज, भ्रामक नोटिस, यूआरएल लिंक आने पर धोखाधड़ी से बचने हेतु तुरंत https://cybercrime.gov.in/ के पोर्टल पर जाकर उसे ब्लॉक करावे।

