दुर्ग पुलिस की क्राइम मीटिंग : अपराध नियंत्रण व लंबित प्रकरणों के निराकरण पर जोर

दुर्ग पुलिस की क्राइम मीटिंग : अपराध नियंत्रण व लंबित प्रकरणों के निराकरण पर जोर


दुर्ग, 21 मार्च 2026। जिले में अपराध नियंत्रण और लंबित प्रकरणों की समीक्षा के लिए पुलिस कंट्रोल रूम भिलाई में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक Vijay Agrawal की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण क्राइम मीटिंग आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी एवं थाना प्रभारी मौजूद रहे।

बैठक में अपराध नियंत्रण, विवेचना की गुणवत्ता, प्रशासनिक अनुशासन और लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान एसएसपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि गंभीर अपराधों में तत्काल FIR दर्ज कर विवेचना शुरू की जाए और समय पर वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्टिंग सुनिश्चित की जाए।

लंबित मामलों पर विशेष फोकस

एसएसपी ने वर्ष 2024 से पूर्व के लंबित अपराध, चालान, मर्ग और शिकायतों का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए। साथ ही लावारिस एवं जब्त संपत्तियों के शीघ्र निपटान और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई वाले मामलों के त्वरित निष्पादन पर जोर दिया गया।

नशा, जुआ-सट्टा और वारंटियों पर सख्ती

बैठक में अवैध नशे के खिलाफ विशेष अभियान चलाने, NDPS और आबकारी मामलों में लगातार कार्रवाई करने तथा जब्त सामग्री के विधिवत नष्टीकरण के निर्देश दिए गए। इसके अलावा जुआ-सट्टा पर प्रभावी कार्रवाई और स्थायी वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित करने को कहा गया।

त्योहारों को लेकर सतर्कता बढ़ाने के निर्देश

आगामी ईद और नवरात्रि पर्व को देखते हुए शांति समिति के पुनर्गठन, विशेष ड्यूटी और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।

तकनीकी संसाधनों के उपयोग पर जोर

साइबर फ्रॉड और वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में नेट ग्रिड सहित तकनीकी संसाधनों के उपयोग से शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही NAFIS, ई-चालान, ई-सम्मन और ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया गया।

जन शिकायतों के त्वरित समाधान के निर्देश

एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि वे प्रतिदिन निर्धारित समय पर थाना में उपस्थित रहकर आम जनता की शिकायतें सुनें और उनका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, नगर पुलिस अधीक्षक, एसडीओपी, डीएसपी सहित जिले के सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया कि अपराधों पर अंकुश लगाने और जनता को बेहतर सुरक्षा देने के लिए इस तरह की नियमित समीक्षा बैठकें आगे भी जारी रहेंगी।