दुर्ग, 15 जुलाई 2026। साइबर ठगी के मामलों में इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल बैंक खातों के खिलाफ दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आठ बैंक खाताधारकों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(2), 318(3) और 318(4) के तहत वैधानिक कार्रवाई की है। यह कार्रवाई थाना छावनी, थाना उतई, थाना दुर्ग कोतवाली और एसीसीयू दुर्ग की संयुक्त टीम ने तीन अलग-अलग प्रकरणों की जांच के दौरान की।
पुलिस के अनुसार जांच में सामने आया कि आरोपी कमीशन के लालच में अपने और अन्य लोगों के बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक तथा सिम कार्ड साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे। इन खातों के माध्यम से साइबर ठगी की रकम का लेन-देन कर मनी ट्रेल छिपाई जाती थी।
तकनीकी विश्लेषण, बैंक खातों की जांच और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने म्यूल बैंक खातों के नेटवर्क का खुलासा किया। जांच में यह भी पता चला कि कुछ आरोपियों ने अपने बैंक खाते 10 से 15 हजार रुपये में साइबर अपराधियों को बेच दिए थे, साथ ही उनसे जुड़े बैंकिंग दस्तावेज और सिम कार्ड भी सौंप दिए थे, जिससे खातों का पूरा नियंत्रण अपराधियों के हाथ में चला गया।
कार्रवाई थाना छावनी के अपराध क्रमांक 312/2026, थाना उतई के अपराध क्रमांक 240/2026 और थाना दुर्ग कोतवाली के अपराध क्रमांक 241/2026 की विवेचना के दौरान की गई। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य बैंकिंग दस्तावेज जब्त किए हैं।
आरोपी का नाम :
- अश्वंश कुमार प्रसाद, उम्र 25 वर्ष, निवासी बापू नगर, जोन-02, खुर्सीपार, भिलाई।
- सागर राम, निवासी शिवाजी नगर, चंद्रमा चौक, खुर्सीपार, भिलाई।
- नितिन सिंघल, उम्र 45 वर्ष, निवासी वर्धमान हाइट्स, गंजपारा, दुर्ग।
- अजय कुमार धहरिया, उम्र 28 वर्ष, निवासी इंदिरा नगर, सुपेला, भिलाई।
- सोनू कमलाकर पाटने, उम्र 34 वर्ष, निवासी हाउसिंग बोर्ड, भिलाई।
- राहुल यादव, उम्र 28 वर्ष, निवासी गोकुल नगर, जामुल।
- रेखा सिंह, निवासी सुपेला। (विवेचना में)
- जूही तबस्सुम, निवासी कैंप-02, भिलाई।
जप्त सामग्री :
- बैंक पासबुक
- एटीएम कार्ड
- चेकबुक
- सिम कार्ड
- मोबाइल फोन
- अन्य बैंकिंग दस्तावेज
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी लालच में आकर अपना बैंक खाता, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक या सिम कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग के लिए न दें। ऐसा करना गंभीर अपराध है और संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर देने की अपील की गई है।

