🔴123 खाताधारक जांच के घेरे में
दुर्ग, 07 जुलाई 2026। साइबर ठगी के मामलों में बैंक खाते उपलब्ध कराकर अपराधियों की मदद करने वाले संगठित नेटवर्क पर दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। थाना सिटी कोतवाली और थाना छावनी पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग प्रकरणों में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अब तक 123 संदिग्ध खाताधारकों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा चुकी है।
साइबर ठगों को उपलब्ध कराए जाते थे बैंक खाते
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अपने बैंक खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त रकम को प्राप्त करने, छिपाने और दूसरे खातों में ट्रांसफर करने के लिए करते थे। इसके बदले उन्हें कमीशन और आर्थिक लाभ मिलता था।
समन्वय पोर्टल से मिला इनपुट
भारत सरकार के गृह मंत्रालय के समन्वय पोर्टल और पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के आधार पर संदिग्ध बैंक खातों की जांच की गई। जांच में साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में इन खातों की भूमिका सामने आने पर कार्रवाई की गई।
कोतवाली पुलिस ने 8 खाताधारकों को किया गिरफ्तार
थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने इंडियन ओवरसीज बैंक के संदिग्ध खातों की जांच के दौरान 106 खाताधारकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। विवेचना के दौरान 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और आधार कार्ड जब्त किए गए।
छावनी थाने में गिरफ्तारियों की संख्या 17 पहुंची
थाना छावनी में दर्ज साइबर ठगी के मामले में पहले 15 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके थे। अब पुलिस ने प्रेमलाल कौशिक और ललित कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही इस प्रकरण में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है।
ये हैं गिरफ्तार आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों में मोदित कुमार जैन, करण टंडन, अवध किशोर, संकेत कुमार दास, रविंद्र कौशिक, शहबाज आलम, ए. सागर, प्रीति कौर, प्रेमलाल कौशिक और ललित कुमार शामिल हैं।
ये सामान हुआ जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से:
- विभिन्न कंपनियों के मोबाइल फोन
- इंडियन ओवरसीज बैंक की पासबुक
- एटीएम कार्ड
- आधार कार्ड
जब्त किए हैं।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
दुर्ग पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी में बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। अन्य संलिप्त आरोपियों की तलाश जारी है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को लालच या कमीशन के बदले अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक, मोबाइल नंबर या बैंकिंग संबंधी जानकारी उपलब्ध न कराएं। ऐसा करना भी कानूनन अपराध है। किसी भी साइबर ठगी या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या निकटतम पुलिस थाने में दें।
मुख्य बातें
- साइबर ठगी के म्यूल बैंक खातों पर दुर्ग पुलिस की बड़ी कार्रवाई।
- दो मामलों में 10 आरोपी गिरफ्तार।
- 123 संदिग्ध खाताधारकों पर वैधानिक कार्रवाई।
- मोबाइल, पासबुक, एटीएम कार्ड और आधार कार्ड जब्त।
- पूरे नेटवर्क की जांच जारी, अन्य आरोपियों की तलाश तेज।

