🛑अपील पर सत्र न्यायालय ने दो आरोपियों को सुनाई 2-2 साल की सश्रम कैद, 25-25 हजार का जुर्माना
दुर्ग, 04 नवंबर 2026। अवैध शराब परिवहन के मामले में दुर्ग पुलिस को महत्वपूर्ण न्यायिक सफलता मिली है। राज्य की ओर से प्रस्तुत आपराधिक अपील पर सत्र न्यायालय, दुर्ग ने निचली अदालत के दोषमुक्ति आदेश को निरस्त करते हुए दो आरोपियों को छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 34(2) के तहत दोषसिद्ध कर 2-2 वर्ष के सश्रम कारावास एवं ₹25 हजार-₹25 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोनों आरोपियों को 6-6 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
निचली अदालत ने किया था दोषमुक्त
प्रकरण में आरोपी लखन भैंसा उर्फ जोहरी भैंसा और श्रीमती ममता धमगाये के विरुद्ध अवैध शराब परिवहन का मामला दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान पुलिस एवं संबंधित विभाग द्वारा शराब, परिवहन में प्रयुक्त वाहन, शराब के नमूने, स्वतंत्र साक्षियों के कथन और रासायनिक परीक्षण रिपोर्ट सहित आवश्यक साक्ष्य संकलित किए गए थे।
मामले की सुनवाई के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, दुर्ग ने 31 जुलाई 2025 को दोनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया था। इस निर्णय को चुनौती देते हुए राज्य की ओर से आपराधिक अपील क्रमांक 05/2026 प्रस्तुत की गई।
साक्ष्यों के परीक्षण के बाद बदला फैसला
अपील की सुनवाई के दौरान सत्र न्यायालय, दुर्ग ने प्रकरण के समस्त तथ्यों, जप्ती कार्यवाही, प्रयुक्त वाहन, शराब के नमूनों और रासायनिक परीक्षण रिपोर्ट सहित उपलब्ध साक्ष्यों का विस्तृत परीक्षण किया।
न्यायालय ने साक्ष्यों के आधार पर निचली अदालत के दोषमुक्ति आदेश को अपास्त करते हुए दोनों आरोपियों को दोषसिद्ध घोषित किया। 23 अक्टूबर 2026 को पारित निर्णय में दोनों को 2-2 वर्ष के सश्रम कारावास एवं ₹25 हजार-₹25 हजार अर्थदंड से दंडित किया गया।
न्यायालय ने पूर्व में जेल में बिताई गई अवधि का लाभ नियमानुसार प्रदान करने तथा प्रकरण में प्रयुक्त वाहन के राजसात की कार्यवाही जारी रखने के निर्देश भी दिए हैं।
महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के निवासी हैं आरोपी
दोषसिद्ध आरोपियों में लखन भैंसा उर्फ जोहरी भैंसा (38 वर्ष), निवासी बेडगांव, जिला गढ़चिरौली, महाराष्ट्र तथा श्रीमती ममता धमगाये (47 वर्ष), निवासी कोरची, जिला गढ़चिरौली, महाराष्ट्र शामिल हैं।
प्रकरण में वाहन क्रमांक CG-08-AU-0756 सहित अवैध शराब एवं अन्य संबंधित सामग्री जप्त की गई थी।
विवेचक और आबकारी विभाग की भूमिका सराहनीय
प्रकरण की विवेचना एवं साक्ष्य संकलन में उपनिरीक्षक पारस सिंह ठाकुर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। शराब के नमूनों के वैज्ञानिक एवं रासायनिक परीक्षण तथा रिपोर्ट प्रस्तुत करने में आबकारी विभाग का सहयोग रहा। राज्य की ओर से न्यायालय में प्रभावी पैरवी की गई।
दुर्ग पुलिस की नागरिकों से अपील
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अवैध शराब के निर्माण, संग्रहण, बिक्री एवं परिवहन की जानकारी तत्काल पुलिस अथवा संबंधित विभाग को देने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध साक्ष्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


