दुर्ग, 15 फरवरी 2026। नाबालिग पीड़िता से दुष्कर्म एवं सामूहिक दुष्कर्म के गंभीर प्रकरण में पुलिस द्वारा सतत विवेचना जारी है। फरार चल रहे दो आरोपियों ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड पर लिया गया। रिमांड अवधि पूर्ण होने पर दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
महिला थाना दुर्ग में अपराध क्रमांक 10/2026 धारा 65(1), 70(1), 70(2), 351(3), 61(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS), धारा 376(2)(n), 376(DA) भा.दं.सं., पॉक्सो एक्ट की धारा 6, 12 तथा एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(v) के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध है।
फरार आरोपी भीमनारायण पांडे एवं संजय पंडित ने 13 फरवरी 2026 को माननीय न्यायालय में आत्मसमर्पण किया। न्यायालय की अनुमति पश्चात दोनों को गिरफ्तार कर शेष विवेचना हेतु 2 दिवस की पुलिस रिमांड प्राप्त की गई।
वाहन व मोबाइल जप्त
रिमांड अवधि में पूछताछ के दौरान आरोपी भीमनारायण पांडे के निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त कार क्रमांक CG-07-AU-3526 जप्त की गई। वहीं आरोपी संजय पंडित से पूछताछ में घटना में प्रयुक्त 2 मोबाइल फोन बरामद किए गए तथा उसके निशानदेही पर Tata Indigo कार क्रमांक CG-07-AT-7047 जप्त की गई।
आरोपियों के निशानदेही पर रेस्ट हाउस दुर्ग, रेस्ट हाउस उतई एवं अन्य संबंधित स्थलों का गवाहों की उपस्थिति में पुनः निरीक्षण कर संपूर्ण कार्यवाही की वीडियोग्राफी कराई गई।
अब तक 7 आरोपी गिरफ्तार
प्रकरण में अब तक कुल 7 आरोपियों — विजय स्वाइन, अनिल चौधरी, गोविंद सिंह नागवंशी, कृपा शंकर उर्फ राजू कश्यप, अमित वर्मा, भीमनारायण पांडे एवं संजय पंडित — को गिरफ्तार किया जा चुका है।
02 दिवस की पुलिस रिमांड पूर्ण होने के उपरांत दोनों आरोपियों को 15 फरवरी 2026 को न्यायिक अभिरक्षा में केंद्रीय जेल दाखिल कराया गया। मामले की विवेचना जारी है।
इस प्रकरण में महिला थाना दुर्ग की विवेचना टीम एवं एसीसीयू दुर्ग द्वारा सतत दबिश, तकनीकी विश्लेषण एवं विधिसम्मत कार्यवाही की जा रही है।
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि गंभीर अपराधों की सूचना तत्काल पुलिस को दें। पीड़िता की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाती है तथा कानून से बचने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

