दुर्ग साइबर रेड अलर्ट पर : 3,150 म्यूल खाते, 25 हजार से ज्यादा संदिग्ध ट्रांजेक्शन

दुर्ग साइबर रेड अलर्ट पर : 3,150 म्यूल खाते, 25 हजार से ज्यादा संदिग्ध ट्रांजेक्शन


🔴व्यापारियों को किया गया सतर्क

दुर्ग, 14 जुलाई 2026। कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) दुर्ग इकाई एवं सराफा एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में रविवार रात आनंद मंगलम में साइबर सिक्योरिटी एवं म्यूल खातों से होने वाली परेशानियों पर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं मुख्य आतिथ्य दुर्ग पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने किया। शिविर में लगभग 450 व्यापारी एवं नागरिक शामिल हुए।

दुर्ग में 3,150 प्राइमरी म्यूल खाते, पुलिस की बड़ी चिंता

पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने कहा कि दुर्ग जिले में 3,150 प्राइमरी म्यूल खाते चिन्हित किए गए हैं। यदि दूसरे और तीसरे स्तर के ट्रांजेक्शन को भी शामिल किया जाए तो यह संख्या 25 हजार से अधिक खातों तक पहुंच जाती है। उन्होंने इसे बेहद गंभीर स्थिति बताते हुए व्यापारियों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की।

अनजान व्यक्ति के भुगतान से रहें सावधान

एसपी ने बताया कि यदि कोई अज्ञात व्यक्ति सामान खरीदकर किसी दूसरे व्यक्ति के बैंक खाते से भुगतान करता है तो व्यापारी को उसका आधार कार्ड और पैन कार्ड की प्रति सुरक्षित रखनी चाहिए। इससे भविष्य में जांच के दौरान व्यापारी की भूमिका स्पष्ट करने और फ्रीज बैंक खाता जल्द खुलवाने में मदद मिल सकती है।

क्या होता है म्यूल खाता?

एडिशनल एसपी सुखनंदन राठौर ने बताया कि अधिकांश साइबर ठगी बैंक ट्रांजेक्शन के जरिए होती है। जिस खाते में ठगी की रकम सबसे पहले पहुंचती है, उसे म्यूल खाता कहा जाता है। इसके बाद जिन खातों में यह राशि ट्रांसफर होती है, वे भी पुलिस जांच के दायरे में आ जाते हैं और जरूरत पड़ने पर उनके खाते भी फ्रीज किए जा सकते हैं।

डिजिटल लेन-देन की सुरक्षा पर विशेषज्ञों ने दिए सुझाव

साइबर सुरक्षा शाखा के सब इंस्पेक्टर डॉ. संकल्प राय ने व्यापारियों को उभरते साइबर अपराध, म्यूल खातों के खतरे, सुरक्षित डिजिटल भुगतान और साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। वहीं पुलिस निरीक्षक प्रशांत मिश्रा ने बैंक खातों को सुरक्षित रखने के उपाय बताए।

व्यापारियों के सवालों के दिए जवाब

क्राइम ब्रांच के डीएसपी यदु मणि सिधार ने इंटरैक्टिव सत्र में व्यापारियों के सवालों के जवाब दिए। कार्यक्रम रात करीब 11:30 बजे तक चला, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।

इंदिरा मार्केट की पार्किंग समस्या भी उठी

कार्यक्रम के दौरान इंदिरा मार्केट एसोसिएशन के बहादुर थारानी और आशीष निमजे ने एसपी विजय अग्रवाल के समक्ष बाजार की पार्किंग समस्या उठाई। उन्होंने बताया कि पार्किंग स्थल का निजी ठेका होने से वहां अस्थायी दुकानें लग रही हैं, जिससे वाहनों की पार्किंग प्रभावित हो रही है और व्यापार पर असर पड़ रहा है। इस पर एसपी ने जल्द संयुक्त बैठक बुलाकर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया।

कैट और सराफा एसोसिएशन की रही प्रमुख भूमिका

कार्यक्रम में कैट के प्रदेश प्रभारी मोहम्मद अली हिरानी, चेयरमैन पवन बड़जात्या, अध्यक्ष प्रकाश सांखला, महामंत्री प्रकाश गोलछा सहित कैट, शराफा एसोसिएशन और युवा एवं महिला विंग के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।