🛑खुर्सीपार पुलिस ने 5 और आरोपियों को पकड़ा
दुर्ग, 15 अक्टूबर 2026। साइबर ठगी की रकम बैंक खातों में जमा कर कमीशन लेकर दूसरे खातों में ट्रांसफर करने के मामले में दुर्ग पुलिस ने पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। खुर्सीपार थाना पुलिस की इस कार्रवाई के साथ मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या को लेकर पुलिस की विज्ञप्ति में अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। शुरुआती जानकारी में अब तक नौ गिरफ्तारी का उल्लेख है, जबकि एक अन्य बिंदु में कुल दस आरोपियों की गिरफ्तारी बताई गई है।
पुलिस के मुताबिक, गृह मंत्रालय के समन्वय पोर्टल से मिली जानकारी के आधार पर इंडियन बैंक के 81 खातों से जुड़े साइबर धोखाधड़ी के मामले में अपराध दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि इन खातों का इस्तेमाल देश के विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी से प्राप्त रकम जमा करने और उसे दूसरे बैंक खातों में भेजने के लिए किया जा रहा था।
कमीशन के लालच में उपलब्ध कराए बैंक खाते
विवेचना में पुलिस को पता चला कि कुछ खाताधारक अपने बैंक खातों को साइबर अपराधियों के इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराते थे। ठगी की रकम खातों में आने के बाद निर्धारित कमीशन लेकर उसे अन्य खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था। इस तरह बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर अपराध से अर्जित रकम को इधर-उधर करने के लिए किया जा रहा था।
पुलिस ने जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में खुर्सीपार निवासी तरुण कुमार, गौरव साहू, जसमीत सिंह, निखिल नेम और नरगिस बानो शामिल हैं।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों का विवरण इस प्रकार है—
- तरुण कुमार (40 वर्ष), निवासी बालाजी नगर, खुर्सीपार।
- गौरव साहू (23 वर्ष), निवासी शंकर नगर, थाना मोहन नगर।
- जसमीत सिंह (23 वर्ष), निवासी शिवाजी नगर, खुर्सीपार।
- निखिल नेम (22 वर्ष), निवासी एसटीएफ कॉलोनी, बघेरा, थाना दुर्ग।
- नरगिस बानो (26 वर्ष), निवासी मछली मार्केट, खुर्सीपार।
इन धाराओं में दर्ज है मामला
इस प्रकरण में अपराध क्रमांक 272/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2), 318(3), 318(4) एवं 238 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस मामले से जुड़े बैंक खातों और साइबर ठगी की रकम के लेन-देन की कड़ियों की जांच कर रही है।
बैंक खाता किराये पर देना पड़ सकता है भारी
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति को न दें। कमीशन अथवा अन्य आर्थिक लाभ के लालच में अपना खाता किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल करने देना साइबर अपराध में संलिप्तता का कारण बन सकता है।
पुलिस ने कहा है कि खाते में किसी भी संदिग्ध लेन-देन की जानकारी मिलने पर तत्काल बैंक और पुलिस को सूचित करें। साइबर वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार होने पर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या आधिकारिक वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
इस कार्रवाई में खुर्सीपार थाना प्रभारी निरीक्षक लक्ष्मण केवट एवं उनकी टीम की भूमिका सराहनीय रही।

