सीजी न्यूज ऑनलाइन 27 जून। छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले में फंसे कारोबारी विजय भाटिया को हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। भाटिया ने अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।
गुरुवार को मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा की डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई। भाटिया की ओर से सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ वकील मीनाक्षी अरोड़ा ने दलील दी कि एसीबी ने बिना समन दिए गिरफ्तार किया है। साथ ही यह भी कहा गया कि एफआईआर दर्ज हुए एक साल से ज्यादा हो चुका है, लेकिन कार्रवाई में देरी की गई है।
इस पर एसीबी की ओर से वकील सौरभ पांडे ने जवाब में कहा कि इस केस में 300 से ज्यादा गवाहों से पूछताछ हुई है। ईडी ने पहले पूछताछ के बाद 31 मई को भाटिया को एसीबी को सौंपा, जिसके अगले दिन रायपुर में मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने रिट याचिका खारिज कर दी।
गौरतलब है कि विजय भाटिया को 31 मई को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था। एजेंसियों की ओर से दावा किया गया है कि वह परिवार के साथ विदेश जाने की तैयारी में था, तभी उसे पकड़ लिया गया। शराब घोटाले की ईओडब्ल्यू और ईडी जांच कर रही हैं। अब तक की जांच में भाटिया और अनवर बंसल के खातों से कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं और उनके करीबियों के खातों में पैसे ट्रांसफर होने के सबूत मिले हैं। एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि आखिर यह पैसा कहां-कहां और किन लोगों तक पहुंचा।

