दुर्ग, 13 फरवरी 2026। महिला थाना दुर्ग में दर्ज नाबालिग पीड़िता से दुष्कर्म एवं सामूहिक दुष्कर्म के गंभीर प्रकरण में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। सतत दबिश और पुलिस दबाव के चलते फरार चल रहे दो आरोपियों ने न्यायालय में समर्पण कर दिया है। अब तक कुल 7 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणि शंकर चंद्र ने बताया कि 30 जनवरी 2026 को पीड़िता ने अपनी माता के साथ महिला थाना दुर्ग में लिखित आवेदन प्रस्तुत किया था। आवेदन में उल्लेख किया गया कि अप्रैल 2018 से अक्टूबर 2025 के बीच, पीड़िता के नाबालिग होने की जानकारी होते हुए विभिन्न आरोपियों द्वारा उसके साथ दुष्कर्म एवं सामूहिक दुष्कर्म की घटनाएं की गईं।
प्रकरण में अपराध क्रमांक 10/2026 दर्ज कर धारा 65(1), 70(1), 70(2), 351(3), 61(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS), धारा 376(2)(n), 376(DA) भा.दं.सं., पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 एवं 12 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(v) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।
विवेचना के दौरान पूर्व में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। फरार आरोपी संजय पंडित और बी.एन. पांडेय ने 13 फरवरी 2026 को न्यायालय में समर्पण किया। न्यायालय से दो दिवस का पुलिस रिमांड प्राप्त कर उनसे पूछताछ की जा रही है।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अमित वर्मा ने अपने पहचान दस्तावेज उपलब्ध कराकर अपने नाम से कक्ष बुक कराया था, जिससे मुख्य आरोपी को अपराध करने में सहयोग मिला। इस आधार पर अमित वर्मा को 12 फरवरी 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
आरोपी का विवरण :
- विजय स्वाइन, उम्र 37 वर्ष, निवासी दुर्गा नगर पश्चिम, भिलाई (गिरफ्तार)
- अनिल चौधरी, उम्र 60 वर्ष, निवासी ज़ोन-01, खुर्शीपार (गिरफ्तार)
- गोविंद सिंह नागवंशी, उम्र 62 वर्ष, निवासी चौकड़िया पारा, जिला राजनांदगांव (गिरफ्तार)
- कृपा शंकर उर्फ राजू कश्यप, उम्र 58 वर्ष (गिरफ्तार)
- अमित वर्मा, उम्र 47 वर्ष, निवासी सेक्टर-10, भिलाई, जिला दुर्ग (गिरफ्तार)
- संजय पंडित, उम्र 42 वर्ष, निवासी शांति नगर, थाना वैशाली नगर, जिला दुर्ग (न्यायालय में समर्पण उपरांत गिरफ्तार)
- बी.एन. पांडेय, उम्र 65 वर्ष, निवासी गणपति विहार कॉलोनी, थाना पदमनाभपुर, जिला दुर्ग (न्यायालय में समर्पण उपरांत गिरफ्तार)
जप्त सामग्री
विवेचना के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, दस्तावेज एवं अन्य साक्ष्य जब्त किए गए हैं। मामले की जांच जारी है।
इस कार्रवाई में महिला थाना दुर्ग की विवेचना टीम एवं एसीसीयू दुर्ग की टीम की सक्रिय भूमिका रही।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने अपील की है कि ऐसे गंभीर अपराधों की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। पीड़ितों की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाती है तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

