🔴31 करोड़ रुपये की अवैध कमीशन राशि लेने का आरोप
सीजी न्यूज़ ऑनलाइन, 03 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित District Mineral Foundation (DMF) फंड घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के रायपुर जोनल कार्यालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सतपाल सिंह छाबड़ा, पिता धर्मपाल सिंह छाबड़ा को 1 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया है। आरोपी को उसी दिन रायपुर स्थित विशेष PMLA न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे 5 दिन की ED कस्टडी रिमांड पर भेज दिया।
ED की जांच ACB/EOW रायपुर और छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा दर्ज विभिन्न FIR के आधार पर शुरू हुई थी। जांच में सामने आया कि खनन प्रभावित लोगों और क्षेत्रों के विकास के लिए गठित DMF ट्रस्टों के फंड का कथित तौर पर सुनियोजित तरीके से दुरुपयोग किया गया।
9188 करोड़ रुपये से अधिक की राशि, सप्लाई आधारित कार्यों पर फोकस
ED के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2023-24 के दौरान विभिन्न जिलों को DMF ट्रस्ट के माध्यम से करीब 9,188.20 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। जांच में आरोप है कि इस राशि के एक हिस्से को ऐसे सप्लाई आधारित कार्यों में लगाया गया, जिनमें कीमतें बढ़ाकर कमीशन वसूली की अधिक गुंजाइश थी।
जांच एजेंसी के मुताबिक, DMF की बड़ी राशि छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम (बीज निगम) के माध्यम से रूट की गई। एजेंट और लायजनर कथित तौर पर रेट कॉन्ट्रैक्ट धारक संस्थाओं के पक्ष में जारी खरीद आदेशों की बेस वैल्यू पर 25 से 50 प्रतिशत तक कमीशन लेते थे। आरोप है कि कमीशन का एक बड़ा हिस्सा सरकारी अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों तक पहुंचाया जाता था।
सिंडिकेट में मुख्य लायजनर और वित्तीय समन्वयक की भूमिका
ED के मुताबिक, सतपाल सिंह छाबड़ा सिंडिकेट के मुख्य लायजनरों और वित्तीय समन्वयकों में से एक था। उसने कथित तौर पर ऐसे DMFT कार्यों की पहचान की, जिनमें अधिक कमीशन मिलने की संभावना थी। इसके बाद चयनित वेंडरों के बीच कार्यों का प्रतिशत के आधार पर बंटवारा, वर्क ऑर्डर जारी कराने और भुगतान रिलीज कराने में मदद करने का आरोप है।
जांच एजेंसी के अनुसार, चाबड़ा वेंडरों से कमीशन एकत्र करने और उसे सिंडिकेट के सदस्यों के बीच बांटने में भी शामिल था।
31 करोड़ रुपये की कमीशन राशि का खुलासा
ED ने बैंक खातों के लेन-देन और PMLA की धाराओं 17 और 50 के तहत दर्ज बयानों के विश्लेषण के आधार पर दावा किया है कि सतपाल सिंह छाबड़ा ने करीब 31 करोड़ रुपये की अवैध कमीशन राशि प्राप्त की। ED ने इस राशि को Proceeds of Crime (अपराध से अर्जित आय) बताया है।
एजेंसी के अनुसार, यह राशि आरोपी के अलावा उसके परिवार के सदस्यों, HUF और उसके नियंत्रण वाली संस्थाओं के खातों में भी प्राप्त हुई।
सितंबर 2025 में भी हुई थी ED की कार्रवाई
ED ने इस मामले में इससे पहले 3 और 4 सितंबर 2025 को PMLA की धारा 17(1) के तहत तलाशी कार्रवाई की थी। इस दौरान जांच एजेंसी ने कई आपत्तिजनक और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए थे।
अब सतपाल सिंह छाबड़ा की गिरफ्तारी के बाद ED द्वारा उससे कथित कमीशन नेटवर्क, वेंडरों, सरकारी अधिकारियों और फंड के लेन-देन से जुड़े पहलुओं पर पूछताछ की जा रही है। मामले में आगे की जांच जारी है।


