🛑एक्सपायरी दूध व अस्वच्छता उजागर, छावनी की डेयरी से बैकुंठधाम की मिठाई फैक्ट्री तक कार्रवाई
🛑 सोनपापड़ी-पेड़ा और लड्डुओं को नष्ट कराने के निर्देश; खाद्य सुरक्षा की निगरानी पर उठे सवाल
दुर्ग, 23 अक्टूबर 2026। दिवाली पर घर-घर मिठाइयां पहुंचाने की तैयारी है, लेकिन दुर्ग जिले की कुछ खाद्य फैक्ट्रियों में सामने आई तस्वीर ने लोगों की सेहत को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कहीं एक्सपायरी दूध मिला, तो कहीं गंदगी, मकड़ी के जाले और अस्वच्छ माहौल के बीच पनीर व मिठाइयां तैयार की जा रही थीं। त्योहार से पहले खाद्य विभाग की टीम ने जब इन प्रतिष्ठानों की जांच की, तो साफ-सफाई के दावों की हकीकत सामने आ गई।
छत्तीसगढ़ के खाद्य विभाग के कमिश्नर दीपक अग्रवाल के नेतृत्व में रायपुर से पहुंची टीम ने दुर्ग-भिलाई की डेयरी और मिठाई फैक्ट्रियों में छापेमार कार्रवाई की। टीम ने खाद्य पदार्थों के नमूने लिए और संदिग्ध सामग्री को नष्ट कराने के निर्देश दिए।

एक्सपायरी दूध मिला, गंदगी के बीच बन रहा था पनीर
कार्रवाई की शुरुआत भिलाई के छावनी क्षेत्र स्थित मां दुर्गा डेयरी से हुई। जांच के दौरान यहां एक्सपायरी दूध मिलने के साथ पनीर निर्माण स्थल पर साफ-सफाई की स्थिति भी खराब पाई गई। गंदगी के बीच खाद्य सामग्री तैयार किए जाने पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई। टीम ने दूध और पनीर के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे तथा तैयार पनीर और अन्य संदिग्ध खाद्य सामग्री को नष्ट कराने के निर्देश दिए।
जांच के दौरान संचालक की ओर से दो लाइसेंस प्रस्तुत किए गए, लेकिन अधिकारियों के मुताबिक लाइसेंस संबंधी स्थिति स्पष्ट नहीं थी। टीम ने स्वच्छता व्यवस्था में तत्काल सुधार करने के निर्देश भी दिए। जांच के दौरान पाम ऑयल मिलाकर खाद्य सामग्री तैयार किए जाने की बात भी सामने आई, जिसकी प्रकृति और संबंधित उत्पादों के बारे में विस्तृत जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
डेयरी संचालक जगमोहन ने बताया कि उनकी फैक्ट्री में दूध, दही और पनीर तैयार किया जाता है तथा एनालॉग पनीर नहीं बनाया जाता। उन्होंने एक्सपायरी दूध मिलने और सफाई संबंधी कमियों के मामले में विभाग के निर्देश स्वीकार किए। उनके अनुसार, तैयार पनीर को नष्ट करने की कार्रवाई भी की गई।

मुस्कान फैक्ट्री में सोनपापड़ी, मैसूर पाक और पेड़ा की जांच
इसके बाद खाद्य विभाग की टीम बैकुंठधाम स्थित मुस्कान फैक्ट्री पहुंची। यहां भी साफ-सफाई को लेकर गंभीर कमियां सामने आईं। फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में सोनपापड़ी, मैसूर पाक और पेड़ा तैयार रखे थे। दिवाली के मद्देनजर इन मिठाइयों को बाजार में भेजने की तैयारी थी।
टीम ने मौके से मिठाइयों के नमूने लिए और तैयार सामग्री को नष्ट कराने के निर्देश दिए। त्योहार के ठीक पहले सामने आई इन खामियों ने मिठाई निर्माण की स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

गुप्ता जी लड्डू फैक्ट्री में डेढ़ क्विंटल लड्डुओं पर निर्देश
खाद्य विभाग ने गुप्ता जी लड्डू फैक्ट्री में भी जांच की। यहां अन्य स्थानों की तुलना में स्थिति बेहतर बताई गई, लेकिन सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली। अधिकारियों ने संचालक को तत्काल स्वच्छता सुधारने के निर्देश दिए। फैक्ट्री में लगभग डेढ़ क्विंटल लड्डू तैयार रखे थे, जिन्हें नष्ट कराने के निर्देश दिए गए।

त्योहार में मिठाइयों की मांग बढ़ी, निगरानी व्यवस्था पर सवाल
दिवाली के दौरान मिठाइयों और दुग्ध उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ जाती है। ऐसे में उत्पादन करने वाली फैक्ट्रियों में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है। सवाल यह है कि जिन प्रतिष्ठानों से रोजाना खाद्य सामग्री बाजार और लोगों के घरों तक पहुंचती है, वहां ऐसी कमियां नियमित निगरानी के बावजूद कैसे बनी रहीं?
कार्रवाई के लिए रायपुर से टीम के दुर्ग पहुंचने के बाद स्थानीय स्तर पर खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान दस्तावेजी प्रक्रिया की जा रही है और आगे नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
दिवाली से ठीक पहले हुई इस छापेमार कार्रवाई ने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, खाद्य पदार्थों के नमूनों की प्रयोगशाला जांच के नतीजे सामने आने के बाद ही उनकी गुणवत्ता के संबंध में अंतिम निष्कर्ष निकाला जा सकेगा। फिलहाल यह कार्रवाई खाद्य कारोबारियों के लिए साफ संदेश है कि त्योहार की कमाई के बीच स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।

