रिटायरमेंट के दिन नौकरी से बर्खास्त हुए डिप्टी एसपी, अदालत की शरण में जायेंगे

रिटायरमेंट के दिन नौकरी से बर्खास्त हुए डिप्टी एसपी, अदालत की शरण में जायेंगे


रिटायरमेंट के दिन नौकरी से बर्खास्त हुए डिप्टी एसपी, अदालत की शरण में जायेंगे

लुधियाना, 2 सितंबर। पंजाब के मंत्री भारत भूषण आशु पर कई आरोप जड़ने वाले पूर्व डीएसपी बलविंदर सिंह सेखों को आखिरकार पंजाब सरकार ने नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। रोचक बात है कि जिस दिन उन्हें बर्खास्त किया गया उसी दिन डीएसपी सेखों सेवानिवृत होने वाले थे। पूर्व डीएसपी बलविंदर सिंह सेखों ने बर्खास्तगी की पुष्टि की और कहा कि अब उनके पास हाईकोर्ट जाने के आलावा कोई चारा नहीं है लेकिन उन्हें अदालत से भी न्याय की कम उम्मीद है फिर भी एक बार अदालत की शरण में जाना पड़ेगा। 

गौरतलब है कि पूर्व डीएसपी बलविंदर सिंह सेखों नगर निगम लुधियाना में तैनात थे। जब नवजोत सिंह सिद्धू निकाय मंत्री के पद पर थे। उस समय लुधियाना के सुआ रोड पर बन रहे ग्रैंड मैनर होम की जांच का जिम्मा सेखों को दिया गया था। उन्होंने इस जांच में खुलासा किया था कि इसमें बड़े स्तर पर धांधली हुई है। इस मामले में सबसे पहले मंत्री आशु और डीएसपी सेखों के बीच विवाद शुरू हुआ। मंत्री आशु और सेखों की फोन रिकॉर्डिंग भी बाहर आई। इसके बाद मामला पूरी तरह से गरमा गया। आखिरकार पंजाब सरकार ने डीएसपी सेखों को फर्स्ट कमांडेंट बहादुरगढ़ में तैनात कर दिया। मंत्री के साथ विवाद की जांच के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था। तब से वह निलंबित चल रहे थे। इसके बाद पूर्व डीएसपी ने मंत्री आशु पर कई संगीन आरोप लगाए। यहां तक की उनके खिलाफ 1992 में दर्ज एक पुराने मामले की परतें खोलनी शुरू कर दी। आखिर में पंजाब सरकार ने 31 अगस्त को उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया। पूर्व डीएसपी बलविंदर सिंह ने कहा कि उन्होंने जो संघर्ष शुरू किया है, वह उसे जारी रखेंगे। बर्खास्तगी के खिलाफ वह कानूनी राय ले रहे हैं और जल्द ही अदालत की शरण में जाएंगे लेकिन उन्हें उम्मीद नहीं है कि अदालत भी न्याय दे पाएगी। राजनीति में आने के सवाल पर सेखों ने कहा कि अभी तक तो कोई उम्मीद नहीं है क्योंकि मेरी लड़ाई इस सिस्टम के खिलाफ है। यह सभी राजनीतिक दल एक जैसे है, आगे अभी कुछ कह नहीं सकते है।