दुर्ग 12 दिसंबर । प्राणीषास्त्र विभाग, शास. वि. या.ता. स्नातकोत्तर स्वषासी महाविद्यालय, दुर्ग द्वारा 9 दिसंबर को सत्र 2022-23 हेतु निर्धारित पाठ्यक्रम के अंतर्गत बार नवापारा वन्य जीवन अभ्यारण्य का बहुविभागीय भागीदारी के साथ शैक्षणिक भ्रमण किया गया।
भ्रमण का उद्देष्य छात्र-छात्राओं के अनुभवात्मक एवं प्रासंगिक षिक्षा को सृदृढ़ करने एवं कक्षा की चहार दीवारी से बाहर सीखने का अवसर उपलब्ध कराना था।
भ्रमण कार्यक्रम दो सत्र में विभक्त था प्रथम सत्र में अनुविभागीय वन अधिकारी, बलौदाबाजार आनंद कुदारिया ने “पर्यावरण संरक्षण एवं संर्वधन पर महत्वपूर्ण जानकारियों के साथ अपने विचार व्यक्त किये। इसके पष्चात मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बलौदाबाजार अजय कुमार खाखा ने “पर्यावरण एवं वन्य जीवों के संरक्षाण हेतु निर्मित विभिन्न कानूनों की जानकारी दी। इसी क्रम में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बलौदा बाजार सुश्री मयूरा गुप्ता ने “वन एवं वन्य जीवों के प्रति नागरिकों के संवैधानिक कर्तव्य” पर प्रकाष डाला। इस अवसर पर उपस्थित जिला एवं सत्र न्यायाधीष बलौदाबाजार, विजय एक्का द्वारा मानव वन्य जीवन संघर्ष को हल करने एवं सहअस्तित्व को बढ़ावा देने हेतु सामाजिक, सांस्कृतिक एवं संदर्भों को ध्यान में रखते हुए सहयोगी प्रक्रियाओं की आवष्यकता पर बल दिया। इसके साथ ही उन्होने युवाओं को संविधान प्रदत्त अधिकार एवं कर्तव्यों के पालन हेतु प्रेरित किया, जिससे युवा वर्ग जाने-अनजाने अपराधिक गतिविधियों से बच सकें।
उक्त सत्र के पष्चात विद्यार्थियों एवं षिक्षकों के द्वारा पर्यावरण एवं वन्य जीव संरक्षण के प्रति अपनी कटिबद्धता को दोहराने के लिए अभ्यारण्य परिसर में वृक्षारोपण किया गया। इसी क्रम में विद्यार्थियों द्वारा वन जैवविविधता, रहवास एवं व्यवहार के महत्व को दर्षाने हेतु निर्मित संग्राहलय का भी अवलोकन किया गया।
दूसरे सत्र विद्यार्थियों ने लगभग 245 वर्ग कि.मी. में फैले वन्य जीव अभ्यारण्य का भ्रमण किया। इस दौरान दल में हिरण, सांभर, भालू, जंगली सुअर, नील गाय, इत्यादि वन्य पषु एवं पक्षियों में हूपस, मोर, स्प्रे, ग्रेटर कोकल, ड्रोंगों, रूफस ट्रिपी, स्पोटेड डव, एषियन ग्रीन बी इटर इत्यादि को देखा। यह भ्रमण विद्यार्थियों को वन्य प्राणी एवं वन संपदा के संरक्षण तथा विकास के साथ इससे संबंधित षिक्षा एवं अनुसंधान कार्य में मद्दगार साबित होगा।
इस शैक्षणिक भ्रमण दल में 40 स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के साथ उनके मार्गदर्षन हेतु प्राणीषास्त्र विभाग के प्राध्यापक डॉ. दिव्या मिंज, डॉ. नीरू अग्रवाल, डॉ. मौसमी डे, डॉ. संजू सिन्हा एवं ज्योति देवांगन शामिल रहे।

