भिलाई नगर, 13 सितंबर।छत्तीसगढ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार से विशेष आर्थिक पैकेज दिलाने तथा इस राज्य में केंद्रीय मदद से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करने, आईआईएम और भी आईआईटी खोलने रेल सेवाओं का विस्तार करने की मांग राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से की गई है। इस संबंध में कांग्रेस नेत्री रत्नावली कौशल ने राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया है।
अनूसूचित जाति विकास प्राधिकरण छग शासन की सदस्य, महिला कांग्रेस कमेटी छग की महासचिव रत्नावली कौशल ने छत्तीसगढ की समस्याओं एवं मांगों के निराकरण की दिशा में यह पहल की है। अपने नई दिल्ली प्रवास के दौरान रत्नावली ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपे ज्ञापन में छग में निवासरत छत्तीसगढ मूल एवं उड़ीसा व झारखंड मूल के अनूसूचित जाति जनजाति वर्ग के लोगों की बहुलता, वन एवं खनिज संपदा की प्रचूर उपलब्धता, राज्य के बड़े हिस्से में व्याप्त नक्सली समस्या आदि का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति से मांग की है कि छग को केंद्र सरकार से पर्याप्त फंड एवं जरूरी संसाधन उपलब्ध कराया जाए ताकि अजा अजजा वर्ग का जीवन स्तर ऊंचा उठाने व नक्सली प्रभावित क्षेत्रों का समग्र विकास करने में छत्तीसगढ सरकार को सहूलियत हो सके। उन्होंने ज्ञापन में मुंगेली जिला मुख्यालय में केंद्रीय स्तर का मेडिकल कॉलेज खुलवाने, आदिवासी बाहुल्य बस्तर में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के अधीन सर्व सुविधायुक्त मेडिकल कॉलेज एवं केंद्रीय तकनीकी शिक्षा विभाग भारत सरकार के अधीन आईआईटी व इंजीनियरिंग कॉलेजों की स्थापना कराने, आदिम जनजातियों व अनूसूचित जातियों की कला संस्कृति, कला- परम्परा के संरक्षण संवर्धन के लिए छग के चुनिंदा जिलों में केंद्र सरकार की ओर से संग्रहालयों की स्थापना कराने तथा इन जाति वर्ग के लोक कलाकारों के प्रोत्साहन के लिए ठोस पहल करने का आग्रह किया है। शहीद वीर नारायण सिंह व कंगला मांझी के नाम पर राष्ट्रीय पुरस्कारों व सम्मान की स्थापना एवं घोषणा केंद्र सरकार से कराने की भी मांग की है। छत्तीसगढ की युवतियों व महिलाओं के लिए केंद्र सरकार की ओर से विशेष आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने, राज्य में निवासरत अजा-अजजा की छात्राओं के समग्र शैक्षणिक विकास के लिए छत्तीसगढ में प्राथमिक से लेकर महाविद्यालय स्तर तक केंद्रीय शिक्षण संस्थाओं की स्थापना कराने की मांग राष्ट्रपति से की है। ज्ञापन में धान का समर्थन मूल्य बढ़ाने तथा महुआ, तेंदूपत्ता, साल बीज आदि का संग्रहण करने वाले वनवासियों को भी प्रति वर्ष छः हजार रु. की सम्मान राशि दिलाने, अजजा-अजा वर्ग की बहुलता व नक्सल समस्या के मद्देनजर छत्तीसगढ को केंद्र सरकार की ओर से विशेष आर्थिक पैकेज जारी कराने, विशेष राज्य का दर्जा दिलाने, राज्य में कोयला, लौह अयस्क, बिजली व वनोपज की प्रचुर उपलब्धता को देखते हुए इन पर आधारित उद्योगों की स्थापना कराने की मांग की है। छत्तीसगढ में रेल सेवाओं के विस्तार पर भी विशेष जोर देते हुए कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा पूर्व से घोषित सारंगढ़, बिलासपुर, मुंगेली, कवर्धा, खैरागढ़, डोंगरगढ़, राजनांदगांव रेल कैरिडोर का कार्य जल्द आरंभ कराया जाए। धमतरी-रायपुर नैरोगेज रेलवे लाईन को ब्रांड गेज में तब्दील कर रेल सेवा आरंभ कराने, धमतरी से कांकेर बस्तर, जगदलपुर तक रेल लाईन बिछाने व रेल सेवा आरंभ की जाए।

