Cyber ​​Police Durg ने 48 लाख के फॉरेक्स ट्रेडिंग ठगी में की एक और गिरफ्तारी

Cyber ​​Police Durg ने 48 लाख के फॉरेक्स ट्रेडिंग ठगी में की एक और गिरफ्तारी


🔴शिर्डी में ट्रस्ट के नाम पर खुलवाया था बैंक खाता

दुर्ग, 6 फरवरी 2026। फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश का झांसा देकर लाखों की ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ साइबर थाना दुर्ग की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में पुलिस ने 48 लाख 67 हजार 500 रुपये की साइबर ठगी के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी शिर्डी क्षेत्र में ट्रस्ट के नाम पर बैंक खाता खुलवाकर ठगी की रकम मंगवाता था।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणि शंकर चंद्र ने बताया कि प्रार्थी ने 9 अक्टूबर 2025 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि इंस्टाग्राम पर फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश के लिए भेजे गए लिंक पर क्लिक करने के बाद उससे अलग-अलग किस्तों में कुल 48.67 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। शिकायत पर अपराध क्रमांक 08/2025 धारा 318(4), 336, 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
विवेचना के दौरान तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल ट्रैकिंग के आधार पर पुलिस ने पहले आंध्रप्रदेश के अनकापल्ली जिले से दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था। आगे की जांच में सामने आया कि ठगी की रकम महाराष्ट्र के अहमदनगर जिला सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड में संचालित एक ट्रस्ट के खाते में आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर कराई गई थी।
जांच में यह खुलासा हुआ कि आरोपी ने शिर्डी क्षेत्र में ट्रस्ट के नाम से बैंक खाता खुलवाकर ठगी की राशि अपने पास मंगवाई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी मनोहर लक्ष्मण मोरे (46 वर्ष), निवासी संगनमेयर, जिला अहमदनगर (महाराष्ट्र) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने ठगी में संलिप्तता स्वीकार की है।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन, बैंक पासबुक और एटीएम कार्ड जब्त किए हैं। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे केंद्रीय जेल दुर्ग भेज दिया गया है।
इस कार्रवाई में साइबर थाना दुर्ग के निरीक्षक जितेंद्र वर्मा, सहायक उप निरीक्षक पूर्ण बहाद्दुर, आरक्षक अनूप कुमार शर्मा, कामेश देशमुख एवं विक्रम सिंह राजपूत की सराहनीय भूमिका रही।
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, ऑनलाइन निवेश, फॉरेक्स या ट्रेडिंग से जुड़े प्रलोभन में बिना सत्यापन के न फंसे। किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या नजदीकी साइबर थाना में दें।