2003 के सेल चेयरमैन वी. एस. जैन जैसा बड़ा दिल दिखाए वर्तमान प्रबंधन — BAKS

2003 के सेल चेयरमैन वी. एस. जैन जैसा बड़ा दिल दिखाए वर्तमान प्रबंधन — BAKS


सीजी न्यूज ऑनलाइन 22 अप्रैल । 1997 वेज रीविजन में भी 48 माह का बकाया एरियर सेल प्रबंधन द्वारा भुगतान किया गया था । उस समय के सेल चेयरमैन वी. एस. जैन ने कंपनी के मुनाफा में आते ही कर्मचारियों के बकाया एरियर का भुगतान किया था । जबकि वर्तमान चेयरमैन के 3 साल पहले से सेल भारी मुनाफा में है ।


बीएसपी अनाधिशासी कर्मचारी संघ ने सेल प्रबंधन तथा एनजेसीएस यूनियनो पर हमला बोला है । सेल प्रबंधन द्वारा 2003 में जनवरी 1997 से दिसम्बर 2000 के बीच 48 माह का एरियर का भुगतान किया गया था । उस समय सेल अधिकारियों तथा कर्मचारियों का वेतन समझौता एक समान दस वर्ष की अवधि के लिए किया गया था । 48 माह के एरियर का भुगतान 2003 मे एडहॉक भुगतान के रुप में सेल प्रबंधन द्वारा किया गया था । परंतु 2017 के वेज रीविजन में एनजेसीएस यूनियनो की विफलता के कारण एक तो 2 प्रतिशत कम एमजीबी तथा 8.5 प्रतिशत कम पर्क्स पर अवैध एमओयु किया गया , वही 19 माह का पर्क्स का एरियर भी भुगतान नही किया गया । 39 माह के फिटमेंट एरियर का समझौता होने के बावजुद अभी तक उस पर कोई सब कमेटी का गठन भी नही हुआ है
बीएकेएस ने इस पर प्रिंसिपल बेंच कैट दिल्ली में मुकदमा भी दर्ज कराया है । जिस पर सेल मैनेजमेंट ने अपना जवाब दाखिल किया है , उसके बाद बीएकेएस यूनियन की टीम मैनेजमेंट के जवाब के विरुद्ध यूनियन कि जवाब तैयार कर रही है ।
गौर करने वाली बात यह है कि 1997 का वेज रीविजन के समय भी 2017 जैसा सेल भारी घाटे में थी , परंतु बाद में मुनाफा में आने के बाद सेल प्रबंधन ने 2003 में 48 माह का एरियर को अपने कर्मचारियों को भुगतान किया था । सेल प्रबंधन द्वारा अपने वार्षिच रिपोर्ट 2003—04 में इसका जिक्र भी किया गया है जो इस प्रकार है

कंपनी ने 31.12.1996 को कर्मचारियों के साथ दीर्घकालिक समझौतों की समाप्ति के बाद, 1.1.1997 से 31.12.2000 तक की अवधि में काल्पनिक वेतन वृद्धि के आधार पर फिटमेंट के साथ 1.1.2001 से संशोधित वेतन और मजदूरी समझौते को लागू किया था। 1.1.1997 से 31.12.2000 की अवधि के संबंध में, परिणामी लाभों सहित वेतन और मजदूरी बकाया के लिए अनुमानित आधार पर वर्ष के दौरान 1417.79 करोड़ रुपये (पिछले वर्षों में भुगतान किए गए 422.33 करोड़ रुपये के तदर्थ अग्रिमों का शुद्ध) का भुगतान/प्रदान किया गया है। उक्त राशि को कर्मचारियों के पारिश्रमिक एवं लाभ (1351.82 करोड़ रुपये) में भुगतान किया गया है तथा स्वैच्छिक रूप से सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों के संबंध में आस्थगित राजस्व व्यय (65.97 करोड़ रुपये) के रूप में बट्टे खाते में डाल दिया गया है।

कर्मचारियों को मुनाफे में भी हिस्सेदारी देनी चाहिए

एन. के. मिश्रा कोषाध्यक्ष बीएकेएस ने कहा कि सेल प्रबंधन को कागज पर महारत्ना, ग्रेट प्लेस टू वर्क तथा नैतिक इस्पात निर्माता के रुप में दिखाने की जगह वास्तविक रुप से बड़ा दिल दिखाना चाहिए ।
कर्मचारियों के मेहनत के दम पर ही एक समय 16039 करोड़ का पीबीटी हुआ था । जब घाटे का जिम्मेदार कर्मचारियों को मान कर समय पर वेज रीविजन नही किया गया तो उन्ही कर्मचारियों के मेहनत के दम पर कमाए गए मुनाफा में भी हिस्सेदारी देनी चाहिए ।