छत्तीसगढ़ के 15 से अधिक सांसद-विधायकों पर चल रहे आपराधिक मुकदमे

छत्तीसगढ़ के 15 से अधिक सांसद-विधायकों पर चल रहे आपराधिक मुकदमे


🔴हाईकोर्ट की निगरानी में 20 से ज्यादा मामलों की सुनवाई, बघेल, लखमा, देवेंद्र यादव समेत कई जनप्रतिनिधियों के मामले फास्ट ट्रैक अदालतों में लंबित

सीजी न्यूज ऑनलाइन, 27 जून 2026। छत्तीसगढ़ के 15 से अधिक वर्तमान और पूर्व सांसदों-विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामलों की सुनवाई राज्य की विभिन्न अदालतों में जारी है। मई 2026 की स्थिति में जारी हाईकोर्ट की स्टेटस रिपोर्ट के अनुसार, जनप्रतिनिधियों से जुड़े 20 से अधिक गंभीर मामलों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है और कई मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक अदालतों में चल रही है।

रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, विधायक कवासी लखमा और भिलाई विधायक देवेंद्र यादव समेत कई जनप्रतिनिधियों के मामले राजधानी रायपुर की विशेष अदालतों सहित विभिन्न जिला न्यायालयों में विचाराधीन हैं।

रायपुर स्थित विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीबीआई) की अदालत में आपराधिक प्रकरण क्रमांक 5465/2018 की सुनवाई चल रही है। इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ कैलाश मुरारका और विजय भाटिया भी आरोपी हैं।

आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी, 469, 471 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67-ए के तहत आरोप हैं। इस मामले में 19 जून 2026 को सुनवाई निर्धारित थी।

विधायक कवासी लखमा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज विशेष एसीबी प्रकरण की सुनवाई रायपुर की प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय में चल रही है। इस मामले की अगली सुनवाई 1 जुलाई 2026 को तय की गई है।

इसके अलावा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में कवासी लखमा और विधायक देवेंद्र यादव के खिलाफ भी जून माह के दौरान सुनवाई निर्धारित की गई।

जांजगीर-चांपा जिले में बालेश्वर साहू, वेदप्रकाश साहू और गौतम राठौर के खिलाफ धोखाधड़ी और मारपीट से जुड़े मामलों की सुनवाई चल रही है। भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत दर्ज प्रकरणों पर जिला न्यायालय में सुनवाई जारी प्रकरणों पर जिला न्यायालय में सुनवाई जारी है।

इनमें से तीन मामलों में हाईकोर्ट ने मार्च 2021 में कार्यवाही पर रोक लगाई थी और आरोपियों को राहत मिली थी। हालांकि, शेष तीन मामलों में कोई राहत नहीं दी गई है तथा आरोपियों को अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।

बिलासपुर की सीजेएम अदालत में कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव और अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज मामले में 1 जुलाई 2026 को आरोप तय किए जाने हैं।

वहीं बलौदाबाजार की तृतीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय में विधायक देवेंद्र यादव और किशोर नवरंगे के खिलाफ बलवा, हत्या के प्रयास, आगजनी और वैमनस्य फैलाने से जुड़े प्रकरणों में 23 जून 2026 को सुनवाई निर्धारित थी।

इसके अलावा पूर्व विधायक प्रमोद शर्मा के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा और मारपीट के मामले में 13 जुलाई 2026 को अगली सुनवाई तय की गई है।
इसी तरह कबीरधाम (कवर्धा) जिले में अशोक कुमार साहू एवं अन्य के खिलाफ दर्ज मामले में 17 जून 2026 को साक्ष्य प्रस्तुत करने की तारीख निर्धारित की गई थी।

हाईकोर्ट की निगरानी में इन मामलों की सुनवाई राज्य की विभिन्न विशेष और जिला अदालतों में नियमित रूप से जारी है।
गरियाबंद जिले की सीजेएम अदालत में पूर्व भाजपा विधायक डमरूधर पुजारी और गोवर्धन मांझी के खिलाफ रास्ता रोकने और बलवा से जुड़े मामले में 25 जून 2026 को सुनवाई तय की गई थी।

आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 341 और 147 के तहत आरोप हैं।

वहीं रोहित साहू के खिलाफ दर्ज दो अलग-अलग मामलों में से एक को मई माह में दूसरी अदालत में स्थानांतरित किया गया, जबकि दूसरे मामले की सुनवाई भी 25 जून को निर्धारित थी।

राजनांदगांव की विशेष अदालत में पूर्व सांसद मधुसूदन यादव और मोहम्मद खालिद के खिलाफ ‘प्रोटेक्शन ऑफ डिपॉजिटर्स इंटरेस्ट एक्ट’ के तहत छह अलग-अलग मामलों की सुनवाई जारी है।