Bhilai केपीएस ग्रुप के अध्यक्ष व सचिव त्रिपाठी बंधुओ के खिलाफ अपराध दर्ज

Bhilai केपीएस ग्रुप के अध्यक्ष व सचिव त्रिपाठी बंधुओ के खिलाफ अपराध दर्ज


🛑 आर्किटेक्ट पटेल सहित सांठगांठ में शामिल निगम भिलाई के अफसर और कर्मी भी लपेटें में

🛑कूटरचित दस्तावेज गार्डन और ग्रीन लैंड आबंटित 96 हजार वर्ग फुट जमीन हड़पने का मामला*

भिलाई नगर, 28 दिसंबर। भिलाई के बड़े एजुकेशन ग्रुप कृष्णा एजुकेशन सोसायटी (कृष्णा पब्लिक स्कूल) नेहरू नगर जुनवानी द्वारा नगर निगम भिलाई के अधिकारियों से मिली भगत कर खसरा नंबर बदल फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उद्यान/वृक्षारोपण हेतु आबंटित भूमि को हड़प कर शाला भवन निर्माण कर लेने का बड़ा मामला सामने आया है। प्राथमिक जांच के आधार पर 17 वर्ष पूर्व किए गए इस काले कारनामे पर आज सुपेला थाना में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले में केपीएस ग्रुप अध्यक्ष एम एम त्रिपाठी, सचिव, एक आर्किटेक्ट और निगम के अधिकारी-कर्मचारी आरोपी बनाए गए हैं।

मिली जानकारी के अनुसार रवि शर्मा निवासी वैशाली नगर  भिलाई ने मय दस्तावेज शिकायत दर्ज करवाई है कि कृष्णा एजुकेशन सोसायटी (कृष्णा पब्लिक स्कूल) नेहरू नगर जुनवानी भिलाई के द्वारा नगर निगम भिलाई के अधिकारियों ने मिलीभगत कर खसरा नंबर बदल फर्जी दस्तावेजों से एक बड़ी जमीन हड़प ली है।

आपको बता दें कि पटवारी हल्का नं-15 खसरा नं-836/837 आबंटित भूमि 22910/73089 कुल रकबा 95 हजार 999 वर्गफुट भूमि का खसरा नं 306 लिखकर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर षडयंत्र पूर्वक नगर निगम के अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध भवन अनुज्ञा प्राप्त कर उद्यान/वृक्षारोपण हेतु आबंटित भूमि मे शाला हेतु अवैध निर्माण कार्य कराया गया।

रवि शर्मा से प्राप्त आवेदन की जांच और दस्तावेजों के अवलोकन के आधार पर एवं नगर निगम से प्राप्त दस्तावेजो के अवलोकन पर प्रथम दृष्टया अपराध सामने आने पर धारा  419, 420, 467, 468, 471, 120बी भादवि का अपराध पंजीबद्व कर विवेचना मे लिया गया है।

गौरतलब हो कि कृष्णा एजुकेशन सोसायटी (कृष्णा पब्लिक स्कूल) नेहरु नगर भिलाई को शाला स्थापना हेतु तत्कालिक मध्यप्रदेश शासन द्वारा वर्ष 1986 में 60000 वर्गफिट भूमि का आबंटन किया गया। जिसका खसरा नंबर 306 है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वर्ष 2005 में कृष्णा पब्लिक स्कूल से लगी पार्क उद्यान हेतु आरक्षित भूमि में से 95 हजार 999 वर्गफिट भूमि जिसका खसरा नंबर 836-837, विशेष शर्तों पर उद्यान/वृक्षारोपण हेतु आबंटन किया गया था।

वर्ष 2007 कृष्णा एजुकेशन सोसायटी के अध्यक्ष एम एम त्रिपाठी, सचिव प्रमोद त्रिपाठी, वास्तुविद आर के पटेल तथा नगर निगम भिलाई के अधिकारियों से मिलीभगत एवं षड़यंत्र कर कूटरचित दस्तावेज के आधार पर खसरा नंबर 836-837 के स्थान पर खसरा नंबर 306 का उल्लेख कर वृक्षारोपण हेतु आरक्षित भूमि में शाला भवन निर्माण हेतु पहले वर्ष 2007 में भवन अनुज्ञा प्राप्त किया गया। फिर तत्काल बाद वर्ष 2008 में भवन पूर्णता पत्र भी प्राप्त किया एवं वर्ष 2012 में वृक्षारोपण हेतु आरक्षित भूमि में अवैध रूप से प्राप्त कर भवन निर्माण अनुमति के उपरांत इस भूमि का नगर निगम के अधिकारियों से मिलिभगत कर नियमतिकरण भी करवा लिया है।

यह पूरा मामला रवि शर्मा की जानकारी में आने के बाद वर्ष 2016 में नगर निगम भिलाई को शिकायती पत्र दिया गया। इस विषय की जाँच कलेक्टर एवं आयुक्त नगर निगम भिलाई द्वारा पृथक-पृथक करवायी गई। लगभग एक वर्ष पूर्व प्रस्तुत जाँच रिपोर्ट में इस फर्जीवाड़े का स्पष्ट उल्लेख हैं किन्तु आज तक इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं की गई थी।

कारण स्पष्ट है कि नगर निगम भिलाई के अधिकारी इस गंभीर अपराध में संलिप्त है। उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार पार्क/उद्यान हेतु आरक्षित भूमि में निर्माण कार्य एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। रवि शर्मा ने 27 अगस्त 2018 को थाना प्रभारी सुपेला भिलाई के समक्ष शिकायत की गई कि कृष्णा एजूकेशन सोसायटी के अध्यक्ष, सचिव, वास्तुविद और नगर पालिक निगम के अधिकारियों पर सीआरपीसी की धारा 154 के तहत जाँच उपरांत एफआईआर दर्ज की जाए लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गई थी। जो कि मामले को दबाने का लगातार प्रयास भी दर्शाता है। इसी जांच प्रतिवेदन पर सुपेला थाना में एफआईआर दर्ज हुई है।