दुर्ग, 02 मार्च 2026। नौकरी लगाने के नाम पर 10 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले दंपत्ति को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। आरोपियों ने पहले मंत्रालय में सहायक ग्रेड-3 और बाद में एनटीपीसी में एई (Assistant Engineer) पद पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर प्रार्थी से बड़ी रकम ऐंठी।

ऐसे रची गई ठगी की साजिश
प्रार्थी रविकांत साहू, निवासी बोरीगारका थाना उतई जिला दुर्ग ने थाना पदमनाभपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि आरोपियों ने मंत्रालय में सहायक ग्रेड-3 पद पर नौकरी लगाने का भरोसा दिलाया। प्रयास असफल रहने पर उन्हें एनटीपीसी में एई पद पर नियुक्ति का आश्वासन दिया गया।
आरोपियों ने किस्तों में कुल 10,00,000 रुपये प्राप्त किए और बाद में फर्जी नियुक्ति पत्र ई-मेल के माध्यम से भेजकर प्रार्थी को भ्रमित किया।
प्रकरण दर्ज, दोनों आरोपी गिरफ्तार
रिपोर्ट पर थाना पदमनाभपुर में अपराध क्रमांक 143/2026 के तहत धारा 420, 467, 468, 120(बी) भादवि के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।
▪️प्रिया देशमुख (36 वर्ष), निवासी न्यू आदर्श नगर, दुर्ग को 28 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया।
▪️सह-आरोपी प्रशांत कुमार देशमुख (49 वर्ष) को 1 मार्च 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
जप्त सामग्री
▪️फर्जी नियुक्ति पत्र (ई-मेल की प्रिंट कॉपी)
▪️मोबाइल फोन एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य
कारण
नौकरी दिलाने के नाम पर अवैध आर्थिक लाभ प्राप्त करने की मंशा से ठगी।
सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई में थाना पदमनाभपुर के निरीक्षक, उप निरीक्षक, प्रधान आरक्षक एवं साइबर सेल टीम की सक्रिय और तकनीकी भूमिका रही, जिनके प्रयास से आरोपियों को त्वरित गिरफ्तार किया गया।
पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी शासकीय या अर्धशासकीय संस्था में नौकरी दिलाने के नाम पर धनराशि मांगने वाले व्यक्तियों से सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। ऐसे अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

