लोकसभा सीटों पर अब कांग्रेस का खेल, पारित किया CM विजय जैसा प्रस्ताव

लोकसभा सीटों पर अब कांग्रेस का खेल, पारित किया CM विजय जैसा प्रस्ताव


सीजी न्यूज ऑनलाइन 20 अगस्त 2026। कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में पार्टी ने लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों की संख्या और राज्यों के बीच सीटों के बंटवारे को अगले 25 वर्षों तक बरकरार रखने की मांग की. यह तमिलनाडु के सीएम जैसा प्रस्ताव है.

कांग्रेस ने बुधवार को लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों की संख्या को अगले 25 वर्षों तक बरकरार रखने की मांग की. पार्टी ने यह भी कहा कि महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को 2029 के लोकसभा चुनाव से ही लागू किया जाना चाहिए. यह मांग कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की इंदिरा भवन में हुई बैठक के बाद सामने आई. बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने की. इसमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, जयराम रमेश और केसी वेणुगोपाल समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए.

तमिलनाडु की तरह पारित किया प्रस्ताव

यह प्रस्ताव ठीक उसी तरह है जैसा पिछले सप्ताह तमिलनाडु विधानसभा में पारित हुआ था. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने पिछले गुरुवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर लोकसभा में सांसदों की संख्या 543 पर स्थायी रूप से बनाए रखने के लिए संविधान में जरूरी संशोधन करने का अनुरोध किया था. उन्होंने तमिलनाडु विधानसभा की ओर से 12 अगस्त 2026 को पारित प्रस्ताव का हवाला देते हुए परिसीमन और महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण से जुड़े मुद्दे भी उठाए थे.

543 लोकसभा सीटें 25 साल तक रखने की मांग

इधर, सीडब्ल्यूसी की बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि परिसीमन के मुद्दे पर कांग्रेस का स्पष्ट मत है कि लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों की संख्या अगले 25 वर्षों तक वही रखी जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि इसी संख्या के आधार पर महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जाना चाहिए.

कांग्रेस कार्यसमिति की ओर से पारित प्रस्ताव में भी महिलाओं के आरक्षण को तुरंत लागू करने की मांग दोहराई गई. प्रस्ताव में कहा गया कि लोकसभा की मौजूदा सीटों की संख्या और राज्यों के बीच मौजूदा सीट बंटवारे पर लागू संवैधानिक रोक को अगले 25 वर्षों तक बढ़ाया जाए. साथ ही महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण 2029 के लोकसभा चुनाव से ही लागू किया जाए.

पीएम मोदी की अपील पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

कांग्रेस ने इस सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से विपक्षी दलों से परिसीमन से जुड़े विधेयक और महिला आरक्षण लागू करने के समर्थन की अपील को ‘ड्रामा’ बताया था. पार्टी ने आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री का मुख्य एजेंडा महिला आरक्षण नहीं, बल्कि ‘मोदी संरक्षण’ है.

जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री की अपील की मंशा पर भी सवाल उठाए थे. उन्होंने कहा था कि लाल किले से भाषण देने के बजाय प्रधानमंत्री को मौजूदा लोकसभा सीटों की संख्या के आधार पर ही 2029 के चुनाव में महिला आरक्षण लागू करना चाहिए.

अप्रैल में लोकसभा में विधेयक को नहीं मिला था बहुमत

इससे पहले 17 अप्रैल को बजट सत्र के दौरान मोदी सरकार को उस समय झटका लगा था, जब लोकसभा में महिला आरक्षण लागू करने से जुड़े परिसीमन वाले संविधान संशोधन विधेयक को जरूरी बहुमत नहीं मिल सका था. यह विधेयक लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के आरक्षण से जुड़ा था.