सड़क किनारे दीये बेच रही मीरा के पास अचानक पहुंचे CM साय, खरीदा ‘आशीर्वाद का दीया’

सड़क किनारे दीये बेच रही मीरा के पास अचानक पहुंचे CM साय, खरीदा ‘आशीर्वाद का दीया’


🔴एक हजार रुपये देकर मुख्यमंत्री ने किया श्रम और स्वावलंबन का सम्मान, जनधन और महतारी वंदन योजना का भी लिया फीडबैक

सीजी न्यूज़ ऑनलाइन, 2026। राजधानी के तेलीबांधा मरीन ड्राइव में मंगलवार को उस समय लोगों का ध्यान खिंच गया, जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का काफिला सड़क किनारे मिट्टी के दीये बेच रही महिला के छोटे से पसरे के पास अचानक रुक गया। मुख्यमंत्री ने यहां दीये बेच रही मीरा से आत्मीय बातचीत की और ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित होने वाले ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के लिए उसी के पसरे से मिट्टी का एक दीया खरीदा।

मुख्यमंत्री ने दीया खरीदने के बाद मीरा को एक हजार रुपये दिए। मुख्यमंत्री के इस सहज व्यवहार को स्थानीय स्तर पर मेहनत कर आजीविका कमाने वाली महिला के श्रम, स्वाभिमान और स्वावलंबन के सम्मान के संदेश के तौर पर देखा गया।

योजनाओं का लिया फीडबैक

मुख्यमंत्री साय ने मीरा से उसके कामकाज और परिवार का हालचाल जानने के साथ यह भी पूछा कि उसे केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं। मीरा ने बताया कि उसका प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत बैंक खाता खुला हुआ है और उसे महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने एक हजार रुपये की राशि मिल रही है।

योजनाओं का लाभ मिलने की जानकारी पर मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं की सार्थकता तभी है, जब उनका लाभ जरूरतमंदों तक सीधे पहुंचे और उनके जीवन को बेहतर बनाने में मदद करे।

स्थानीय कारीगरों और छोटे कारोबारियों को प्रोत्साहन का संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क किनारे पसरा लगाने वाले छोटे विक्रेता, कुम्हार, शिल्पकार और स्थानीय उत्पाद तैयार करने वाली माताएं-बहनें आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की ताकत हैं। अपने हुनर और मेहनत से आजीविका कमाने वालों को प्रोत्साहित करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पाद खरीदना केवल सामान खरीदना नहीं है, बल्कि इसके पीछे किसी कारीगर का हुनर, मेहनत और परिवार की आजीविका जुड़ी होती है। स्थानीय विक्रेताओं और कारीगरों से खरीदारी उनके परिवारों को आर्थिक संबल देने का माध्यम बन सकती है।

सेवा और जनभागीदारी का प्रतीक बनेगा ‘आशीर्वाद का दीया’

मुख्यमंत्री द्वारा मीरा से खरीदा गया मिट्टी का दीया अब ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित होने वाले ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम का हिस्सा बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में दीया प्रकाश के साथ-साथ आशा और सकारात्मक संकल्प का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि जिस तरह एक छोटा-सा दीया आसपास के अंधकार को दूर करता है, उसी तरह प्रत्येक व्यक्ति का छोटा-सा सेवा संकल्प मिलकर समाज में बड़ा सकारात्मक बदलाव ला सकता है। ‘आशीर्वाद का दीया’ इसी भावना और जनभागीदारी का प्रतीक है।

17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष राष्ट्र और जनसेवा को समर्पित होने के अवसर पर प्रधानमंत्री के जन्मदिवस 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ आयोजित किया जा रहा है।

उन्होंने प्रदेशवासियों से अभियान में उत्साह के साथ जुड़ने का आह्वान करते हुए स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जरूरतमंदों की सहायता और जनसेवा से जुड़े कार्यों में भागीदारी की अपील की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा का कोई कार्य छोटा नहीं होता। किसी जरूरतमंद की मदद करना, स्वच्छता में योगदान देना, पौधा लगाकर उसकी देखभाल करना या स्थानीय कारीगर से सामान खरीदना भी जनसेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है।

एक दीये में दिखा स्वावलंबन और सेवा का संदेश

तेलीबांधा मरीन ड्राइव के छोटे से पसरे से मुख्यमंत्री द्वारा खरीदा गया मिट्टी का दीया कई संदेशों को एक साथ जोड़ गया। एक ओर इससे मेहनत कर आजीविका कमाने वाली मीरा के श्रम और स्वावलंबन का सम्मान हुआ, वहीं मुख्यमंत्री की बातचीत में सरकारी योजनाओं की जमीनी पहुंच भी सामने आई। अब यही दीया ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के माध्यम से सेवा, जनभागीदारी और विकास के संकल्प का प्रतीक बनेगा। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा भी उपस्थित थे।