भिलाई नगर 02 जून। हिंदुस्तान स्टील एम्पलाइज यूनियन भिलाई के द्वारा सीटू का 56 वा स्थापना दिवस मनाया गया। सुबह 8:00 बजे यूनियन कार्यालय में झंडा फहराया एवं शहीद साथियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। शाम को 6:00 बजे से 9:00 बजे तक सेक्टर 7 कूर्मी भवन में सांगठनिक कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें कार्यकारिणी एवं आमंत्रित कार्यकारिणी के सदस्य शामिल हुए।
संगठन की मजबूती के लिए किया गया मंथन
स्थापना दिवस के अवसर पर संगठन की मजबूती के लिए हिंदुस्तान स्टील एम्पलाइज यूनियन सीटू द्वारा आयोजित कार्यशाला में 6 विषयों पर गहन मंथन किया गया। जिसमें संगठन के अंदर समन्वय, सदस्यता, बैठके, कर्मियों के बीच संपर्क, ट्रेड यूनियन शिक्षा एवं सीटू के सामने चुनौतियों तथा उसका निदान प्रमुख था। इस सांगठनिक कार्यशाला में साथियों ने ना केवल कमजोरी को रेखांकित किया बल्कि उन कमजोरी को दुरुस्त करने के उपायों को भी सुझाया जो आने वाले दिनों में संगठन को और मजबूती प्रदान करेगा।

अपने उद्देश्यों पर खरा उतरा है सीटू
55 साल के सफर में सीटू आज गर्व से कहता है कि जिन उद्देश्यों के लिए 30 मई 1970 में सीटू का गठन हुआ था। उसमें हर मोर्चे पर खरा उतरा है सीटू एक ऐसी सामाजिक व्यवस्था के लिए संघर्षरत है। जिसमें शोषण नहीं होगा, हर हाथ को काम होगा एवं काम का वाजिब दाम होगा। इन 55 साल के सफर में सीटू को अपने उद्देश्यों से भटकाने एवं हटाने के लिए कई तरह के प्रयास किए गए। किंतु वे नाकाम रहे वही सीटू मजदूरों को संगठित करते हुए लगातार आगे बढ़ता रहा l इसीलिए आज सीटू संघर्ष का पर्याय बन चुका है।

वोट के लिए कभी झूठ नहीं बोला सीटू
भिलाई में हिंदुस्तान स्टील एम्पलाइज यूनियन सीटू के स्थापना से लेकर आज तक लगातार संघर्ष करता रहा है। भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मी गवाह है कि 2014 से आज तक संयंत्र में चार बार मान्यता चुनाव हुए जिसमें सीटू कभी भी वोट के लिए झूठ नहीं बोला इस बात की गवाही दूसरे ट्रेड यूनियन भी देते हैं। एकता संघर्ष एकता के रास्ते में चलते हुए सीटू ने कर्मियों के बीच मजबूत मुकाम हासिल किया है। इसीलिए लोक लुभावना नारों से दूर ठोस बातों को कर्मियों के बीच रखना हमेशा सीटू की खासियत रही है जो सीटू को मजबूती प्रदान करता है।

