सीटू ने राष्ट्रीय बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की

सीटू ने राष्ट्रीय बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की


🔴सोनम वांगचुक के अनशन को दिया समर्थन

सीजी न्यूज ऑनलाइन, 18 जुलाई 2026। भारतीय ट्रेड यूनियन केन्द्र (सीटू) की रांची में 17 से 19 जुलाई तक आयोजित अखिल भारतीय कार्यकारिणी समिति की बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए जलवायु कार्यकर्ता एवं शिक्षाविद सोनम वांगचुक के अनिश्चितकालीन अनशन को समर्थन देने का प्रस्ताव पारित किया गया।

सीटू ने महामहिम राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की अपील करते हुए कहा कि यदि शिक्षा मंत्री तत्काल इस्तीफा नहीं देते हैं तो उन्हें पद से हटाने की कार्रवाई की जाए।

सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य पर जताई चिंता

प्रस्ताव में कहा गया है कि नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 19 दिनों से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति लगातार बिगड़ रही है। सीटू के अनुसार उनका लगभग 9 किलोग्राम वजन कम हो चुका है और ब्लड शुगर का स्तर भी गिर रहा है। संगठन ने इसे गंभीर मानते हुए सरकार पर आंदोलन की अनदेखी करने का आरोप लगाया।

एनटीए और परीक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

सीटू ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि नीट सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित किया है। संगठन का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी से युवाओं का भरोसा कमजोर हुआ है।

एनईपी-2020 वापस लेने की मांग

कार्यकारिणी समिति ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि यह शिक्षा के निजीकरण, केंद्रीकरण और व्यावसायीकरण को बढ़ावा देती है। सीटू ने एनईपी-2020 को वापस लेकर सार्वजनिक वित्तपोषण, समानता, संघीय ढांचे, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित नई शिक्षा नीति लागू करने की मांग की।

देशभर में समर्थन अभियान चलाने का आह्वान

सीटू ने अपनी संबद्ध यूनियनों से प्रस्ताव की प्रति राष्ट्रपति कार्यालय को भेजने और देशभर में एकजुटता कार्यक्रम आयोजित करने का आह्वान किया है। संगठन का कहना है कि पेपर लीक, शिक्षा का व्यावसायीकरण, भ्रष्टाचार, केंद्रीकरण और बढ़ती बेरोजगारी जैसे मुद्दे आपस में जुड़े हुए हैं और इन पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है।

नोट: यह समाचार भारतीय ट्रेड यूनियन केन्द्र (सीटू) द्वारा जारी आधिकारिक प्रस्ताव और उसके दावों पर आधारित है। इसमें व्यक्त आरोप और मांगें संबंधित संगठन के बयान हैं।