कोविड-19 महामारी से पालनकर्ता खो चुके बच्चों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाए, राष्ट्रीय बाल अधिकार आयोग सदस्य ने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान कही बातें

कोविड-19 महामारी से पालनकर्ता खो चुके बच्चों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाए, राष्ट्रीय बाल अधिकार आयोग सदस्य ने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान कही बातें


कोविड-19 महामारी से पालनकर्ता खो चुके बच्चों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाए, राष्ट्रीय बाल अधिकार आयोग सदस्य ने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान कही बातें

दुर्ग 24 सितंबर । राष्ट्रीय बाल अधिकार आयोग  सरक्षण ( महिला व बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार) के सदस्य यशवन्त जैन  छत्तीसगढ़ के दौरे पर आए हुए है ।  बालोद, धमतरी, कांकेर, कवर्धा,  नारायणपुर,  राजनांदगांव जिले का का दौरा किया गया  । इसी कड़ी में राष्ट्रीय बाल आधिकार सरक्षंण आयोग के सदस्य यशवन्त जैन ने दुर्ग जिले के शासकीय अस्पताल व आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया । 

दुर्ग प्रवास  में आए राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य यशवंत जैन ने स्वास्थ्य , शिक्षा व  महिला व बाल विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक ली । राष्ट्रीय बाल अधिकार सरक्षण आयोग  के सदस्य यशवन्त जैन ने कोविड-19 से प्रभावित बच्चों के पुर्नवास और बाल स्वराज पोर्टल में दर्ज बच्चों के संबंध में जानकारी ली। सदस्य यशवंत जैन राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग और स्वास्थ्य  व शिक्षा व महिला व बाल विकास विभाग के समक्ष कोविड-19 से प्रभावित बच्चों के संबंध में विस्तार से चर्चा हुई। 

 राष्ट्रीय बाल सरक्षण आयोग के सदस्य यशवन्त जैन द्वारा कहा गया कि कोविड-19 के महामारी से बहुत बच्चे अनाथ व बेसहारा हो गए हैं। जिनके देखरेख व संरक्षण अतंर्गत शिक्षा एवं आर्थिक मदद की जिम्मेदारी शासन की है।  ऐसे में स्कूली शिक्षा व महिला व बाल विकास विभाग के पास कितने स्कूली छात्र – छात्राओं  की संख्या है । जो कोविड – 19  बीमारी से बेसहारा व अनाथ हुए है । तत्काल जानकारी ले, और अतिशीघ्र  कार्यवाही करें । केंद्र व राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजना का लाभ दिलाये । यथाशीघ्र जल्द – जल्द कार्यवाही कर केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही बाल स्वराज पोर्टल में अपलोड करने को कहा ।

राष्ट्रीय बाल सरक्षण आयोग के सदस्य यशवन्त जैन ने कहा कि कोविड- 19 से मृतकों की सूची लेकर शिक्षा विभाग और महिला बाल विकास द्वारा पुनः सर्वे कराने हेतु निर्देश दिए गए। महिला बाल विकास एवं शिक्षा विभाग के आंकड़ों में मिलान नहीं होने के कारण यशवंत जैन ने जिला शिक्षा अधिकारी दुर्ग और महिला बाल विकास अधिकारी दोनों को आपसी समन्वय से सभी बच्चों को बालक कल्याण समिति में प्रस्तुतः हेतु निर्देश किया, आवश्यकता पड़ने पर बालक कल्याण समिति का बैठक समस्त विकासखण्डों में करने के लिए निर्देश दिया गया।

आयोग के सदस्य यशवन्त जैन ने दुर्ग के शासकीय अस्पताल  छोटे बच्चो के वार्ड व एन सी यू  कोविड से बचाव के लिए चाइल्ड केयर अस्पताल में  जाकर निरीक्षण किया और  आवश्यक दिशा – निर्देश दिए । उन्होंने गम्भीर रूप से भर्त्ती छोटे बच्चों  चाइल्ड   केयर आईसीयू वार्ड में जाकर   उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और सरकारी मदद का आश्वासन दिया । और बच्चों के परिवारजनों से भी चर्चा की ।        

दुर्ग स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों का भी निरीक्षण किया । और आंगनबाड़ी में कार्यरत कार्यकर्त्ताओं से चर्चा की । केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में जानकारी ली । और राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों में छोटे – छोटे बच्चों को दिए जा रहे  राष्ट्रीय पोषण माह में महिलाओं व बच्चों को स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूक कर कुपोषण मुक्ति का संदेश के बारे में बताया । गर्भवती एवं शिशुवती  महिलाओं को उचित खान – पान  शारीरिक स्वास्थ्य के साथ – साथ मानसिक स्वास्थ्य को बनाये रखने के बारे में जानकारी ली  ।  सदस्य यशवन्त जैन ने आंगनबाड़ी केंद्रों में जनप्रतिनिधियों, परियोजना अधिकारी, महिला पर्यवेक्षकों, आंगनबाड़ी सहायिकाओं की उपस्थिति में गर्भावस्था देख – रेख , स्वास्थ्य , पोषण एवं स्वच्छता विषय पर जानकारी ली ।  और  डिजिटल प्लेटफॉर्म आधारित गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं व बच्चों को स्वास्थ्य एवं पोषण के  प्रति जागरूक कर कुपोषण मुक्ति का करने निर्देशित किया ।