भिलाई के फरीद नगर में प्रशासन की सतर्कता से रूका बाल विवाह
भिलाई नगर, 7 जनवरी। थाना भिलाई नगर को सूचना प्राप्त होने पर महिला एवं बाल विकास विभाग, चाईल्ड लाईन एवं सुपेला थाना पुलिस टीम द्वारा फरीद नगर में हो रहे बाल विवाह को रोका गया।
यहाँ जानकारी प्राप्त करने जब टीम पहुंची और जन्म प्रमाण पत्र तथा आधार कार्ड जांचा तो बालिका की उम्र 16 वर्ष पायी गयी। टीम के पहुंचने पर बालिका के परिजनों ने विवाह रोकने से जब इंकार कर दिया तो कलेक्टर डाॅ सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के सहयोग से बाल विवाह होने की सूचना के आधार पर परियोजना अधिकारी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं थाना सुपेला भिलाई के थाना प्रभारी के संयुक्त टीम द्वारा फरीद नगर में बाल विवाह रोकने हेतु टीम विवाह स्थल पर पहुंची और दस्तावेज मांगने पर बालिका के परिजनों द्वारा बालिका का जन्म प्रमाण पत्र की छाया प्रति प्रस्तुत की गयी जिसमें बालिका की जन्म तारीख जुलाई 2006 अंकित थी, जिसके अनुसार बालिका की उम्र लगभग 16 वर्ष होना पाया गया चूंकि बालिका नाबालिग थी अतः विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारियों ने लड़की के माता-पिता और परिजनों को समझाइश दी कि बालिका नाबालिग है और नाबालिग का विवाह करना अथवा बाल विवाह करना सामाजिक बुराई एवं कानूनन अपराध है, उन्हें बाल विवाह के दुष्परिणामों से अवगत कराया गया तब लड़की के माता-पिता ने लड़की के बालिग होने तक विवाह स्थगित किया और बालिका के बालिग होने पश्चात विवाह करने की अपनी सहमति देते हुए मौका पंचनामा पर अपने-अपने हस्ताक्षर गवाहों के समक्ष करते हुए विवाह रोकने का निर्णय लिया।

