🔴दुर्ग के खपरी, गिरहोला गांव में खेतों में दिखा नवाचार, किसानों से सीखने की जरूरत
दुर्ग, 31 जनवरी 2026। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के खपरी एवं गिरहोला गांव में खेतों में हो रहे नवाचार किसानों के उज्ज्वल भविष्य का संदेश दे रहे हैं। यहां खेती केवल परंपरागत धान तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि आधुनिक तकनीक, अनुसंधान और विज्ञान के उपयोग से किसान सब्जी, फल, फूल और औषधीय फसलों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। यह बात खपरी गांव के दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कही।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को देश का धान का कटोरा कहा जाता है और धान यहां की पहचान है, लेकिन अधिक लाभ के लिए धान के साथ-साथ अन्य फसलों को भी अपनाना जरूरी है। खपरी एवं गिरहोला गांव में किसानों द्वारा सब्जियों की विविध खेती, फल-फूल उत्पादन और आधुनिक नर्सरियों का संचालन इस बदलाव का प्रमाण है।
ब्लूबेरी और ड्रैगन फ्रूट तक पहुंची खेती
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि AKS नर्सरी खपरी गांव में ब्लूबेरी और ड्रैगन फ्रूट जैसी उन्नत फसलों की खेती भी देखी गई है, जो वैज्ञानिक तकनीक और शोध का परिणाम है। इसके साथ ही खीर खजूर, फल-सब्जी और फूलों की खेती से न केवल स्थानीय जरूरतें पूरी हो रही हैं, बल्कि किसानों की आमदनी भी बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक से ग्राफ्टिंग जैसी पद्धतियों का उपयोग कर बेहतर उत्पादन लिया जा रहा है। बैंगन की जड़ पर टमाटर और तीखी मिर्च की जड़ पर शिमला मिर्च उगाने के प्रयोग से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और उत्पादन भी अधिक मिलता है।

इंटीग्रेटेड फार्मिंग पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में फल, फूल, सब्जी और औषधीय खेती में अभूतपूर्व प्रगति हो रही है। केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि किसानों की खेती अधिक लाभकारी बने। इसी दिशा में इंटीग्रेटेड फार्मिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसमें परंपरागत खेती के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन और कृषि आधारित अन्य गतिविधियों को जोड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह गलत धारणा है कि लोग खेती छोड़ रहे हैं। आंशिक रूप से यह सही हो सकता है, लेकिन पूरी सच्चाई यह है कि कई पढ़े-लिखे युवा अन्य क्षेत्रों को छोड़कर खेती की ओर लौट रहे हैं। ऐसे प्रगतिशील किसान देश की सबसे बड़ी ताकत हैं।

दिल्ली में होगा कृषि चिंतन शिविर
केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि 16 और 17 फरवरी को दिल्ली के पूसा संस्थान में कृषि पर एक चिंतन शिविर आयोजित किया जाएगा, जिसमें एक पूरा सत्र प्रगतिशील किसानों के अनुभवों पर आधारित होगा। इन अनुभवों को नीतियों में शामिल किया जाएगा और खेती में आ रही कठिनाइयों के समाधान पर भी विचार होगा।

आवास और ग्रामीण विकास पर भी फोकस
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसान और ग्रामीण विकास सर्वोच्च प्राथमिकता है। कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान उसकी आत्मा। आगामी बजट में कृषि और ग्रामीण विकास के लिए पर्याप्त प्रावधान किए जाएंगे। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत छत्तीसगढ़ में लंबित आवासों की भरपाई ब्याज सहित की जा रही है और विकास के साथ कृषि को और मजबूत किया जाएगा।

