छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड… सरगुजा में पारा 6.9°C: दुर्ग में तापमान 11 डिग्री पर

छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड… सरगुजा में पारा 6.9°C: दुर्ग में तापमान 11 डिग्री पर


🔴अलाव का सहारा ले रहे लोग, जिला प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

सीजी न्यूज ऑनलाइन 05 दिसंबर। छत्तीसगढ़ में पिछले दो दिनों से ठंड बढ़ गई है। सरगुजा संभाग में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। अंबिकापुर में रात का तापमान गिरकर 6.9°C हो गया है। जशपुर और पेंड्रा इलाकों में लोग ठंड से बचने के लिए अलाव जला रहे हैं। इस बीच दुर्ग में भी पिछले 2 दिनों में तापमान लगभग 2 डिग्री गिर गया है। पारा 11 डिग्री तक पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दोनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस और गिरावट हो सकती है। इन स्थितियों को भागते हुए जिला प्रशासन के द्वारा ठंड से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की गई है।

अगले 48 घंटों में पूरे राज्य में औसत तापमान में 1-3 डिग्री और गिरावट आने की उम्मीद है। पिछले 24 घंटों में, राज्य में सबसे ज़्यादा तापमान दुर्ग में 30.2°C और सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 6.9°C रिकॉर्ड किया गया।

शीत लहर से बचाव के लिए जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देश

जिले में बढ़ती ठंड और शीत लहर के गंभीर स्वास्थ्य प्रभावों को देखते हुए, जिला प्रशासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा आमजन की सुरक्षा के लिए आवश्यक एहतियाती कदम उठाने हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। शीत लहर (कोल्ड वेव्स) के कारण हाइपोथर्मिया और फ्रॉस्टबाइट जैसी गंभीर समस्याएँ हो सकती हैं। इसलिए, सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे इन निर्देशों का गंभीरता से पालन कर स्वयं को और अपने परिवार को सुरक्षित रखें।

शीत लहर क्या है?

शीत लहर एक ऐसी स्थिति है जिसमें हवा का तापमान सामान्य से काफी नीचे गिर जाता है। हवा का दबाव बढ़ जाता है, ठंडी हवाएं चलने लगती है। फ्रॉस्ट या बर्फ जमने लगती है।

ठंड की लहर के दौरान क्या करें?

ठंड के प्रकोप से बचाव के लिए नागरिक गर्म कपड़े पहनें। यदि कपड़े गीले हो जाएँ, तो उन्हें तुरंत बदलकर सूखे कपड़े धारण करें। विशेष ध्यान देते हुए, बच्चों और बुजुर्गों को हर समय गर्म रखें, क्योंकि वे ठंड के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। अपने शरीर को अंदर से गर्म रखने के लिए, गरम पेय पदार्थों का सेवन करें और पौष्टिक भोजन करें। यदि आप बाहर काम कर रहे हैं, तो शरीर को सामान्य तापमान पर रखने के लिए बीच-बीच में ब्रेक लेते रहें। इन उपायों से ठंड के कारण होने वाली बीमारियों से बचा जा सकता है।

ठंड की लहर के दौरान क्या न करें?

ठंड की लहर के दौरान कुछ गतिविधियों से सख्ती से बचना चाहिए। बिना किसी आवश्यक कार्य के ठंड में बाहर न जाएँ। शरीर को ठंड से बचाने के लिए पतले या गीले कपड़े बिलकुल न पहनें। ठंड से राहत पाने के लिए आग के बहुत पास न बैठें, क्योंकि यह त्वचा को नुकसान पहुँचा सकता है। शराब का सेवन न करें, क्योंकि यह शरीर की गर्मी कम करने की प्रक्रिया को भ्रमित कर सकता है। यदि किसी हिस्से में फ्रॉस्टबाइट हो जाए, तो उस हिस्से को कदापि न रगड़ें, बल्कि तुरंत डॉक्टरी सलाह लें।