छत्तीसगढ़ मनरेगा कर्मचारी संघ ने अनिश्चितकालीन हड़ताल एवं आंदोलन के नौवें दिन निकाली रैली, मांगो का ज्ञापन सौंपा कलेक्टर को
दुर्ग 12 अप्रैल । छत्तीसगढ़ मनरेगा कर्मचारी महासंघ का दो सूत्रीय मांग को लेकर जिला दुर्ग में 4 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है आज हड़ताल के नौवें दिन धरना स्थल मानस भवन दुर्ग से कलेक्टोरेट दुर्ग तक रैली निकाली गई एवं मुख्यमंत्री के नाम पर कलेक्टर को मांगों का ज्ञापन सौंपा गया।

दुर्ग जिला अध्यक्ष अनिरुद्ध ताम्रकार ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी योजनातर्गत कार्यरत अधिकारी / कर्मचारी एवं ग्राम रोजगार सहायकों के द्वारा विगत 10 वर्षों से निरंतर कार्य किये जा रहे है।
महासंघ के संरक्षक अरदीप ढीढी ने बताया कि महात्मा गांधी नरेगा योजना में कई ऐसे अधिकारी / कर्मचारी है, जिनकी उम्र 40-45 वर्ष से भी अधिक हो चुकी है, जिसके कारण नियमित पदों पर आवेदन करने के लिए उनकी निर्धारित उम्र अवधि भी समाप्त हो चुकी है।

जिला रोजगार सहायक संघ के जिला अध्यक्ष संजय सोनवानी ने बताया कि समय-समय पर विभिन्न माध्यमों से मनरेगा कर्मियों की निरंतर नियमितीकरण सहित अन्य मांगे रही है, किन्तु शासन द्वारा हमारी मांगो पर आज पर्यन्त तक कोई विचार नहीं किया गया है। इस संबंध में छत्तीसगढ़ मनरेगा कर्मचारी महासंघ के बैनर तले 14 मार्च को जिला स्तरीय एक दिवसीय धरना प्रदर्शन एवं रैली आयोजित किया गया था । साथ ही शासन एवं प्रशासन को विभिन्न पत्रों के माध्यम से मिलने का समय मांगा गया था, किन्तु शासन एवं प्रशासन के द्वारा समय नहीं दिया गया और न ही हमारी मांगों का निराकरण किया गया। जिसके कारण विवश होकर छत्तीसगढ़ मनरेगा कर्मचारी महासंघ के बैनर तले” 04 अप्रैल सोमवार से छत्तीसगढ़ प्रदेश के समस्त 28 जिलों के सभी मनरेगा कर्मी अनिश्चित कालीन धरना दिया जा रहा है ।

छत्तीसगढ़ मनरेगा कर्मचारी महासंघ की 02 सूत्रीय मांग :
1. चुनावी जन घोषणा पत्र को आत्मसात करते हुए समस्त मनरेगा कर्मियों का नियमितीकरण
2. नियमितीकरण की प्रक्रिया पूर्ण होने तक ग्राम रोजगार सहायकों का वेतनमान निर्धारण करते हुए समस्त मनरेगा कर्मियों पर सिविल सेवा नियम 1966 के साथ पंचायत कर्मी किया जावे।

