🛑पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षक के 36 पदों पर भर्ती को मंजूरी
🛑‘विकसित छत्तीसगढ़’ से ‘विकसित भारत 2047’ तक का संकल्प, आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलकर होगा जनजातीय कार्य विभाग
सीजी न्यूज ऑनलाइन, 11 अक्टूबर 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में 25 वर्ष पूर्ण होने पर छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद ने अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे राष्ट्र प्रथम, जनसेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और अंत्योदय के सिद्धांतों पर आधारित असाधारण कर्मयात्रा का ऐतिहासिक पड़ाव बताया। मंत्रिपरिषद ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री के नेतृत्व में लिए गए प्रमुख राष्ट्रीय निर्णयों और छत्तीसगढ़ के विकास में केंद्र सरकार के सहयोग का अभिनंदन करते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घकालीन राष्ट्रसेवा की कामना की।
कैबिनेट बैठक में दो महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय भी लिए गए। पूर्व अग्निवीरों के लिए गृह विभाग में आरक्षक के 36 पदों पर रिक्तियों के विरुद्ध भर्ती की अनुमति दी गई है। वहीं, आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलकर जनजातीय कार्य विभाग करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई है।

छत्तीसगढ़ के विकास में केंद्र के सहयोग को सराहा
प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री ने कहा कि जनधन-आधार-मोबाइल (जैम), जीएसटी, अनुच्छेद 370 की समाप्ति, अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर और नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई जैसे ऐतिहासिक कदमों का मंत्रिपरिषद ने अभिनंदन किया है। उन्होंने कहा कि सहकारी संघवाद के माध्यम से राज्यों को अधिक संसाधन और भागीदारी देने तथा आवास, नल-जल, स्वच्छता, राशन, स्वास्थ्य और स्वच्छ ईंधन जैसी सुविधाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में केंद्र सरकार का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
मुख्यमंत्री ने गुजरात में नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान शुरू हुए सुशासन के प्रयोगों का उल्लेख करते हुए कहा कि टेक्नोलॉजी, जनसंवाद और परिणाम आधारित कार्यप्रणाली से शासन व्यवस्था को नई दिशा मिली। पीएम गतिशक्ति के माध्यम से परियोजनाओं की योजना और निगरानी को तकनीक से जोड़ा गया है। प्रदेश के करीब 20 हजार गांवों में से लगभग 14 हजार गांव जियो-रेफरेंस्ड किए जा चुके हैं।
8.50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 1.60 लाख रोजगार की संभावना
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण बनाने के उद्देश्य से 450 से अधिक प्रशासनिक सुधार किए गए हैं। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, 2026 के तहत औद्योगिक अनुमतियों की प्रक्रिया सरल की गई है। निर्धारित समय-सीमा में निर्णय नहीं होने पर डीम्ड अप्रूवल का प्रावधान किया गया है। दो जनविश्वास अधिनियमों के माध्यम से 279 गैर-जरूरी प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया गया है तथा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को 24 घंटे संचालन की अनुमति दी गई है।
इन प्रयासों के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ को 8.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनसे 1.60 लाख से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है।

आवास, स्वास्थ्य और गरीब कल्याण योजनाओं का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में 20.65 लाख और शहरी क्षेत्रों में 2.25 लाख पक्के आवास पूरे हो चुके हैं। पिछले पौने तीन वर्षों में 11.78 लाख आवासों का निर्माण हुआ है। स्वच्छ भारत अभियान के तहत 36 लाख घरेलू शौचालय और 14,970 सामुदायिक शौचालय बनाए गए हैं, जबकि उज्ज्वला योजना से 39.73 लाख महिलाओं को गैस कनेक्शन मिले हैं।
आयुष्मान भारत योजना के तहत लगभग 2.49 करोड़ पात्र हितग्राहियों के कार्ड बनाए गए हैं और 51.17 लाख लोगों को करीब 11,877 करोड़ रुपये का निःशुल्क उपचार मिला है। वहीं, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के माध्यम से प्रदेश के 73 लाख परिवारों के 1.99 करोड़ हितग्राहियों को निःशुल्क राशन उपलब्ध कराया जा रहा है।
किसानों को 33,431 करोड़ रुपये का एमएसपी भुगतान
मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ प्रदेश के 26.57 लाख किसानों तक पहुंचा है। पंजीकृत किसानों की संख्या बढ़कर 27.53 लाख हो गई है और पंजीकृत रकबा 33 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है।
प्रदेश में धान उपार्जन 141 लाख मीट्रिक टन के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंचने की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के माध्यम से 33,431 करोड़ रुपये तथा बोनस के रूप में 10,292 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।
महिलाओं, युवाओं और जनजातीय समाज पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत करीब 68 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। निर्धारित लक्ष्य से अधिक उपलब्धि के साथ प्रदेश की 14 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। बिहान योजना के अंतर्गत 32.39 लाख ग्रामीण परिवार 2.98 लाख स्व-सहायता समूहों से जुड़े हैं।
जनजातीय क्षेत्रों के विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से छह हजार से अधिक जनजातीय बहुल गांवों में अधोसंरचना विकसित की जा रही है। पीएम जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजातियों के परिवारों तक आवास, सड़क और पेयजल सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। प्रदेश में 75 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित हैं।
नक्सलमुक्त बस्तर को विकास की नई दिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों तथा सुरक्षाबलों के साहस से 31 मार्च 2026 को नक्सल समस्या से निर्णायक मुक्ति मिली। उन्होंने इसे बस्तर में शांति और विकास के नए अध्याय की शुरुआत बताया।
नक्सल उन्मूलन के लिए केंद्र से 2,080 करोड़ रुपये की विशेष सहायता मिलने, आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 15 हजार आवास स्वीकृत होने तथा सड़क, पुल और शिक्षा सुविधाओं के विस्तार का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि हिंसा के कारण वर्षों से बंद 421 स्कूल फिर से खोले गए हैं।

सड़क, रेल और ऊर्जा परियोजनाओं को मिली गति
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए 35,766 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। रेल क्षेत्र में करीब 54 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम चल रहा है। डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में 1,643 मोबाइल टावर स्वीकृत किए गए हैं।
ऊर्जा क्षेत्र में भी बड़े निवेश प्रस्ताव मिलने और पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत 1.16 लाख से अधिक घरों में सौर संयंत्र स्थापित होने की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि बुनियादी सुविधाओं का विस्तार प्रदेश की आर्थिक प्रगति को नई गति देगा।
विकसित छत्तीसगढ़ से विकसित भारत 2047 का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’ का रोडमैप तैयार किया है। नक्सलमुक्त बस्तर, खनिज एवं ऊर्जा संसाधन, मेहनती किसान, सशक्त महिलाएं, युवा शक्ति और समृद्ध जनजातीय संस्कृति प्रदेश की प्रमुख ताकत हैं। मंत्रिपरिषद ने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की भावना के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के माध्यम से विकसित भारत 2047 के निर्माण में पूर्ण योगदान देने का संकल्प दोहराया।
पूर्व अग्निवीरों को आरक्षक भर्ती में अवसर
कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पूर्व अग्निवीर सैनिकों के अनुभव और दक्षता का लाभ राज्य की सेवाओं में लेने के उद्देश्य से गृह विभाग में आरक्षक के 36 पदों पर उपलब्ध रिक्तियों के विरुद्ध भर्ती की अनुमति दी गई है। पूर्व अग्निवीरों के लिए इन पदों पर 10 प्रतिशत श्रेणीवार आरक्षण का प्रावधान राज्य शासन पहले ही कर चुका है।
इसके अतिरिक्त, छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। इसके तहत ‘आदिम जाति विकास विभाग’ का नाम बदलकर ‘जनजातीय कार्य विभाग’ किया जाएगा।

