परिवर्तन जरुरी पर संस्कृति नही बची तो समूची मानवता नष्ट हो जावेगी- रिखी क्षत्री,
इन्टेक का आयोजन में बच्चों को संस्कृति के संबंध में बताया

भिलाई नगर 3 अक्टूबर I भारतीय सांस्कृतिक निधि (इंटेक) की विरासत शिक्षा व संचार सेवा (HEC) के सहयोग से दुर्ग-भिलाई अध्याय द्वारा विलुप्तप्राय कलाओं के प्रति बच्चों में जागरूकता लाने के प्रयासों के अंतर्गत उनके लिए एक कार्यशाला का आयोजन ऑनलाइन किया गया है I इस कार्यशाला में प्रसिद्द लोक कलाकार व लोक-वाद्य यंत्रों संग्रहणकर्ता रिखी क्षत्रिय ने दुर्ग-भिलाई व बालोद जिले के स्कूलों के बच्चों व शिक्षकों को लोक-वाद्य यंत्रों के विषय में बताया एवं उनका जीवंत प्रदर्शन किया I फसलों को पशुओं से बचने व वनांचलों में आदिवासियों द्वारा शिकार हेतु वन्य प्राणियों को आकर्षित करने के लिए सृजित वाद्य यंत्रों का बजा कर प्रदर्शन विशेष रूप से किया I 170 से अधिक ऐसे विलुप्त हो चुके या विलुप्तप्राय: वाद्य यंत्रों का संग्रहण कर चुके श्री क्षत्री ने धुन्धरा, मुंडा बजा, धन्कुर, चिकारा, खंजेरी, चढ़े, कुहकी, सिसरी, रोंजो, खनखना, ठड़का, अलगोजा, टेपरा व भेर वाद्य यंत्रों का प्रदर्शन कर उनकी समकालीन आवश्यकता तथा उपयोग के विषय बच्चों को समझाया I उन्होंने कहा कि आज के तेजी से बदलते दौर में लोक संस्कृति का संरक्षण गंभीरता से नहीं किया गया तो समूची मानवता विरूपित होकर गर्त में चली जावेगी I

आरम्भ में इन्टेक की विरासत शिक्षा व संचार सेवा की प्रमुख निदेशक पूर्णिमा दत्त (नई दिल्ली) ने इन्टेक द्वारा विरासत शिक्षा ने सांस्कृतिक विरासत व धरोहरों के संरक्षण के लिए किये जा रहे प्रयासों की जानकारी दी I उन्होंने बच्चों को हमारे देश की गौरवपूर्ण लोक कला, प्राकृतिक एवं सांकृतिक विरासत से परिचित कराने व जागरूक करने की आवश्यकता पर बल दिया I सर्व प्रथम इन्टेक के दुर्ग भिलाई अध्याय के संयोजक डॉ डी एन शर्मा ने कहा कि विलुप्तप्राय: लोक कला व शिल्प से बच्चों को अवगत कराने के उद्देश्य से ऐसी कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है I उन्होंने बतलाया कि दुर्ग व बालोद जिले के 18 स्कूलों के 194 विद्यार्थी व शिक्षक इस ऑनलाइन कार्यशाला में शामिल हुए I डीपीएस-भिलाई व दुर्ग, शंकरा सेक्टर 10, श्री शंकराचार्य स्कूल हुडको, डीएव्ही स्कूल हुडको, खालसा स्कूल दुर्ग, गुरुनानक स्कूल भिलाई , केपीएस स्कूल नेहरूनगर, शारदा विद्यालय, शकुंतला विद्यालय, आर्य स्कूल सेक्टर 6, सरस्वती शिशु मंदिर सेक्टर-4, महावीर जैन स्कूल दुर्ग, इंदु आईटीआई स्कूल कुरूद, आत्मानंद स्कूल दीपकनगर, हनोदा, मरोदा, तितुरडीह, बडगांव, रसमडा के शासकीय विद्यालय, महात्मा गाँधी स्कूल दुर्ग के विद्यार्थियों की उल्लेखनीय भागीदारी रही I
कार्यशाला का समन्वयन स्वयंसिद्दा की अध्यक्ष डॉ सोनाली चक्रवर्ती ने करते हुए 63 वर्षीय रिखी क्षत्री का परिचय देते हुए लोक कला के क्षेत्र में उनके ओग्दान की चर्चा की I दुर्ग भिलाई अध्याय की सह संयोजक विद्या गुप्ता ने आभार प्रदर्शन किया I इन्टेक के सदस्य प्रो दीपक दास ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया I इस अवसर पर रिखी क्षत्री का इन्टेक द्वारा शाल श्रीफल आदि से इन्टेक सदस्यों द्वारा सम्मान भी किया गया I

