🛑₹1.03 करोड़ से अधिक की संपत्ति आय से ज्यादा मिली, ACB ने विशेष न्यायालय में प्रस्तुत किया अभियोग पत्र
सीजी न्यूज ऑनलाइन, 23 अक्टूबर 2026। आय से अधिक संपत्ति के मामले में एसीबी बिलासपुर ने जीआरपी थाना बिलासपुर के बर्खास्त आरक्षक लक्ष्मण गाईन के विरुद्ध विशेष न्यायालय, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, बिलासपुर में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया है। विवेचना के दौरान आरोपी की आय की तुलना में ₹1 करोड़ 3 लाख 33 हजार 33 रुपये 50 पैसे अधिक व्यय पाया गया है।
एसीबी के अनुसार, लक्ष्मण गाईन के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की जानकारी मिलने पर अपराध क्रमांक 58/2024 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(बी) एवं 13(2) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना के दौरान 1 दिसंबर 2024 को एसीबी ने आरोपी के बिलासपुर स्थित निवास सहित अन्य ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की थी।
आय से दोगुने से अधिक पाया गया व्यय
विवेचना में सामने आए आय-व्यय के विवरण के मुताबिक, आरोपी की कुल आय ₹86,76,270 आंकी गई, जबकि कुल व्यय ₹1,90,09,303.50 पाया गया। इस तरह आय की तुलना में ₹1,03,33,033.50 अधिक व्यय सामने आया। एसीबी ने इस संबंध में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया है।
गांजा तस्करी के मामले में भी आरोपी
लक्ष्मण गाईन के विरुद्ध गांजा तस्करी से जुड़े एक अन्य मामले में भी कार्रवाई की गई है। आरोप है कि जीआरपी बिलासपुर में पदस्थ रहने के दौरान उन्होंने अन्य आरक्षक साथियों के साथ मिलकर ट्रेनों में गांजा तस्करी करने वालों को पकड़ा, उनका गांजा अपने पास रख लिया और एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई नहीं करने के बदले उनसे पैसे लेकर आपस में बांटे।
इस मामले में जीआरपी थाना बिलासपुर में अपराध क्रमांक 117/2024 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) एवं 29 में अपराध दर्ज किया गया था। बाद में विवेचना एसीसीयू बिलासपुर को सौंपी गई। विवेचना के पश्चात आरोपी के विरुद्ध चालान क्रमांक 46-ए/2024 विशेष न्यायाधीश, एनडीपीएस एक्ट, बिलासपुर के न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था। इस प्रकरण में आरोपी वर्तमान में बिलासपुर जेल में निरुद्ध है।
19 नवंबर 2024 को सेवा से किया गया था बर्खास्त
गांजा तस्करी से संबंधित प्रकरण में सामने आए कथित आचरण के आधार पर पुलिस अधीक्षक रेल, छत्तीसगढ़ ने 19 नवंबर 2024 को लक्ष्मण गाईन को सेवा से पृथक कर दिया था। अब आय से अधिक संपत्ति के मामले में अभियोग पत्र पेश होने के बाद आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत न्यायिक कार्यवाही आगे बढ़ेगी।

