अपंजीकृत कॉलोनी पर CG-RERA सख्त, प्रमोटर को 6.87 लाख देने का आदेश

अपंजीकृत कॉलोनी पर CG-RERA सख्त, प्रमोटर को 6.87 लाख देने का आदेश


🛑पूर्णता प्रमाण पत्र मिलने तक हर महीने देने होंगे 7,314 रुपये, बिना रेरा पंजीयन परियोजना विकसित करने पर अलग से होगी कार्रवाई

सीजी न्यूज ऑनलाइन, 27 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (CG-RERA) ने रायपुर जिले के सेजबहार स्थित ‘वात्सल्य गौरव-1, फेज-1’ परियोजना में विकास कार्य अधूरे रहने और पूर्णता प्रमाण पत्र नहीं लिए जाने पर सख्त रुख अपनाया है। प्राधिकरण ने प्रमोटर को संबंधित आबंटी को 6 लाख 87 हजार 496 रुपये ब्याज का भुगतान करने का आदेश दिया है। साथ ही परियोजना का पूर्णता प्रमाण पत्र मिलने तक 1 नवंबर 2026 से हर महीने 7,314 रुपये ब्याज देने के निर्देश भी दिए हैं।

2019 से अक्टूबर 2026 तक का ब्याज देना होगा

प्राधिकरण की सुनवाई में पाया गया कि परियोजना में स्वीकृत ले-आउट के अनुरूप विकास कार्य पूरे नहीं किए गए हैं। इसके अलावा सक्षम प्राधिकारी से पूर्णता प्रमाण पत्र भी प्राप्त नहीं किया गया। इन परिस्थितियों को देखते हुए CG-RERA ने परियोजना को अपूर्ण मानते हुए भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 की धारा 18 के तहत ब्याज भुगतान का आदेश पारित किया।

आदेश के अनुसार, आबंटी द्वारा जमा की गई 8 लाख 12 हजार 643 रुपये की राशि पर वर्ष 2019 से अक्टूबर 2026 तक 10.80 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर से कुल 6 लाख 87 हजार 496 रुपये का भुगतान करना होगा। इसके अतिरिक्त पूर्णता प्रमाण पत्र मिलने तक प्रत्येक माह 7,314 रुपये का भुगतान भी करना होगा।

बिना रेरा पंजीयन परियोजना विकसित करने पर अलग मामला

CG-RERA ने परियोजना का पंजीयन नहीं कराए जाने को भी गंभीरता से लिया है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि अधिनियम की धारा 3 के तहत पंजीयन के दायरे में आने वाली परियोजनाओं का रेरा में पंजीयन अनिवार्य है। इसके बावजूद परियोजना का पंजीयन नहीं कराए जाने पर प्रमोटर के खिलाफ धारा 59 के तहत पृथक प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।

भूखंड बेचने के बाद भी प्रमोटर की जिम्मेदारी बरकरार

प्राधिकरण ने अपने आदेश के माध्यम से स्पष्ट किया है कि भूखंड बेच देने मात्र से प्रमोटर की जिम्मेदारी समाप्त नहीं हो जाती। स्वीकृत ले-आउट के अनुसार सड़क, नाली, विद्युत, पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना, विकास कार्य पूरे करना और आवश्यक प्रमाण पत्र प्राप्त करना प्रमोटर का दायित्व है।

CG-RERA की इस कार्रवाई को भूखंड खरीदारों के अधिकारों की सुरक्षा और रियल एस्टेट क्षेत्र में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आदेश से यह संदेश भी गया है कि परियोजना अधूरी छोड़ने और रेरा अधिनियम के प्रावधानों का पालन नहीं करने पर संबंधित प्रमोटरों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।