सीजी न्यूज ऑनलाइन, 25 अक्टूबर 2026। बकाया भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के बदले 10 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार सरकारी स्कूल की प्राचार्य अंजुला सोनी को राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उनकी गिरफ्तारी के बाद शासन ने इसे गंभीर कदाचार मानते हुए कार्रवाई की है।
अकलतरा ब्लॉक के किरारी स्थित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल की प्राचार्य अंजुला सोनी पर शिकायतकर्ता मनीष राठौर से बकाया राशि के भुगतान की प्रक्रिया के बदले 10 हजार रिश्वत मांगने का आरोप है। बिलासपुर एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने 3 सितंबर 2026 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 और 12 के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया था। अदालत में पेश किए जाने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
एसीबी के बिलासपुर कार्यालय से मिली सूचना के आधार पर राज्य सरकार ने इस कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम 3 का उल्लंघन माना है। इसके बाद छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 (2) के तहत निलंबन का आदेश जारी किया गया।
अंजुला सोनी का निलंबन 3 सितंबर 2026 से प्रभावी माना गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, जांजगीर-चांपा निर्धारित किया गया है। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।

