सीजी न्यूज ऑनलाइन, 16 सितंबर 2026। राज्य वाणिज्यिक कर विभाग में लिपिक संवर्ग से जीएसटी कर निरीक्षक पद पर चार साल पहले हुई पदोन्नति निरस्त कर दी गई है। करीब 42 लिपिक सीमित चयन परीक्षा के जरिए पदोन्नत हुए थे। परीक्षा में अनियमितता की शिकायतों के बाद जांच के आदेश दिए गए थे। जांच में पदोन्नति प्रक्रिया में गड़बड़ी की पुष्टि हुई है।
बताया गया कि पदोन्नति के समय निलंबित आईएएस समीर विश्नोई वाणिज्य कर आयुक्त के पद पर थे। जांच रिपोर्ट के आधार पर पूरी चयन प्रक्रिया और 1 जुलाई 2022 को जारी नियुक्ति आदेश भी निरस्त कर दिए गए हैं। परीक्षा के जरिए कर निरीक्षक बने सभी कर्मचारियों को उनके मूल लिपिक पद पर प्रत्यावर्तित किया जाएगा।
जांच समिति की 3 जुलाई 2026 को प्रस्तुत रिपोर्ट में परीक्षा प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। रिपोर्ट में बताया गया कि पदोन्नति में आरक्षण रोस्टर का पालन नहीं किया गया। परीक्षार्थियों की उपस्थिति पंजी नहीं बनाई गई, समेकित परिणाम और अंकतालिका तैयार नहीं की गई, अधिकांश अभ्यर्थियों के उत्तर एक जैसे उत्तरपुस्तिकाओं पर कोडिंग नहीं की गई।
उपस्थिति पंजी नहीं बनाई गई, समेकित परिणाम और अंकतालिका तैयार नहीं की गई, चयनित अधिकांश अभ्यर्थियों के उत्तर एक जैसे थे और उत्तरपुस्तिकाओं पर कोडिंग नहीं की गई।
जांच में पुनर्मूल्यांकन के जरिए कुछ अभ्यर्थियों के अंक बढ़ाए जाने और उसी चयन समिति द्वारा पुनर्मूल्यांकन किए जाने को भी गंभीर अनियमितता माना गया। इसके अलावा खरीदी गई और उपयोग की गई उत्तरपुस्तिकाओं की संख्या में भी अंतर पाया गया।
आयुक्त ने आदेश में कहा है कि अनियमितताएं व्यापक और प्रणालीगत हैं, जिससे पूरी परीक्षा की विश्वसनीयता समाप्त हो गई। प्रभावित और अप्रभावित अभ्यर्थियों को अलग करना संभव नहीं है।
ऐसे में केवल पुनर्मूल्यांकन या संशोधित मेरिट सूची के जरिए प्रक्रिया को ठीक करना संभव नहीं पाया गया। इसी आधार पर 26 जून 2022 की परीक्षा, उससे जुड़ी चयन प्रक्रिया और 1 जुलाई 2022 के नियुक्ति आदेश को निरस्त करने का निर्णय लिया गया है।
भाजपा ने लगाए आरोप
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजयशंकर मिश्रा ने आरोप लगाया कि भूपेश सरकार के कार्यकाल में 2022 की टैक्स इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं। बुधवार को पत्रकारवार्ता में उन्होंने कहा कि जांच समिति की रिपोर्ट में आरक्षण रोस्टर का पालन नहीं करने, उपस्थिति पंजी नहीं रखने, अभ्यर्थियों के समान उत्तर और कॉपियों की कोडिंग व्यवस्था खत्म करने जैसी गड़बडिय़ां सामने आई हैं।
उन्होंने कहा कि नियम विरुद्ध पुनर्मूल्यांकन कर कुछ अभ्यर्थियों के अंक बढ़ाए गए। जांच के बाद 26 जून 2022 की परीक्षा और उससे जुड़ी सभी नियुक्तियां निरस्त कर दी गई हैं तथा नियुक्त कर्मचारियों को मूल पदों पर वापस भेजा गया है। मिश्रा ने इसे युवाओं और कर्मचारियों के साथ धोखा बताते हुए तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा।

