🔴महिला समेत 5 अंतर्राज्यीय आरोपी गिरफ्तार
सीजी न्यूज़ ऑनलाइन, 24 अप्रैल 2026 । Raigarh Police ने “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर की जा रही बड़ी साइबर ठगी का पर्दाफाश करते हुए महिला सहित 5 अंतर्राज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने राजस्थान के भीलवाड़ा में दबिश देकर आरोपियों को पकड़ा और ट्रांजिट रिमांड पर रायगढ़ लाया। गिरोह ने रायगढ़ के एक सेवानिवृत्त अधिकारी से करीब 36.97 लाख रुपये की ठगी की थी।
एसएसपी Shashi Mohan Singh के निर्देशन में की गई कार्रवाई में सामने आया कि आरोपी खुद को टेलीकॉम अधिकारी, फर्जी आईपीएस और सीबीआई अधिकारी बताकर लोगों को “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाते थे। इसके बाद मनी लॉन्ड्रिंग और गिरफ्तारी की धमकी देकर खातों में पैसे ट्रांसफर कराते थे।
कैसे हुई ठगी
मामला फरवरी 2026 का है, जब रायगढ़ निवासी सेवानिवृत्त विद्युत विभाग के पर्यवेक्षक नरेंद्र ठाकुर को एक कॉल आया। कॉलर ने खुद को टेलीकॉम नियामक से जुड़ा बताते हुए कहा कि उनके दस्तावेजों का दुरुपयोग हो रहा है। इसके बाद कॉल को कथित पुलिस और सीबीआई अधिकारियों से जोड़कर उन्हें केस में फंसाने और गिरफ्तारी का डर दिखाया गया।
डर और दबाव में आकर पीड़ित ने 30 जनवरी से 11 फरवरी के बीच कुल 36,97,117 रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए।

जांच में ऐसे खुला राज
साइबर पुलिस ने बैंक ट्रांजेक्शन, तकनीकी साक्ष्य और साइबर इंटेलिजेंस के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। जांच में रकम का ट्रेल राजस्थान के भीलवाड़ा तक पहुंचा। इसके बाद विशेष टीम गठित कर कार्रवाई की गई, जहां से गिरोह के मास्टरमाइंड समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह का मुख्य आरोपी राहुल व्यास, जो एक बैंक कर्मचारी है, फर्जी खातों और तकनीकी तरीकों से ठगी को अंजाम देता था। गिरोह में शामिल महिला आरोपी वेब डेवलपर है, जो ऑनलाइन गतिविधियों में मदद करती थी। आरोपी इंटरनेट और वीडियो के जरिए साइबर ठगी के तरीके सीखकर संगठित रूप से अपराध कर रहे थे।
देशभर में फैला नेटवर्क
पूछताछ में सामने आया कि गिरोह देशभर में सक्रिय था और अब तक करीब 1.40 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी कर चुका है। आरोपियों के बैंक खातों में भारी लेन-देन मिला है, जिनमें से कई खाते सीज कर दिए गए हैं।

जब्त सामग्री
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप और संदिग्ध बैंक खातों से जुड़ी जानकारी बरामद की है। साथ ही कई एटीएम जमा पर्चियां भी जब्त की गई हैं।
इन धाराओं में कार्रवाई
आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(6), 318(4) और Information Technology Act, 2000 की धारा 66(D) के तहत अपराध दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस की अपील
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने लोगों से अपील की है कि “डिजिटल अरेस्ट” या किसी भी एजेंसी के नाम पर आने वाले कॉल से सावधान रहें। कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल पर पैसे ट्रांसफर नहीं कराती। ऐसे मामलों में घबराएं नहीं और तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी थाने में शिकायत करें।
पुलिस का कहना है कि इस मामले में अन्य आरोपियों की संलिप्तता के भी संकेत मिले हैं, जिनकी जांच जारी है।

