सीजी न्यूज ऑनलाइन, 30 जून 2026। भारतीय शिक्षा बोर्ड सीबीएसई ने तीन भाषाओं की अपनी मौजूदा नीति में बड़े बदलाव किए हैं. इन नए बदलावों के तहत अब दसवीं कक्षा के मौजूदा बैच को तीन भाषा की यह नई अनिवार्य नीति अपनाने की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी. वहीं, सातवीं, आठवीं और नौवीं कक्षा के बच्चों को तीसरी भाषा की बोर्ड की परीक्षा नहीं देनी पड़ेगी.
इसके साथ ही सातवीं, आठवीं और नौंवी के उन बच्चों ने जिन्होंने दो विदेशी भाषाएं पहले से ही ले रखी हैं, वे उन्हीं भाषाओं को जारी रखते हुए किसी भारतीय भाषा को तीसरी भाषा के रूप में चुन सकते हैं. तीसरी भाषा की परीक्षा स्कूल खुद ही लेगा.
इसके साथ ही सीबीएसई ने अपनी प्रेस रिलीज में कहा कि भाषा सीखना दिलचस्प होना चाहिए जो बच्चों के संपूर्ण विकास में मदद करे. भारत की नई शिक्षा नीति के तहत अकादमिक सेशन 2026-27 से नौंवी से हर विद्यार्थी के लिए तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य है, जिनमें दो भारतीय और एक विदेशी भाषा हो सकती है. सीबीएसई जल्दी ही अपनी नई गाइडलाइन के अनुसार एनसीईआरटी के साथ मिलकर स्टडी मटेरियल भी जारी करेगा.

