अधुरे वेज रिवीजन और ट्रांसफर हुए कर्मियों के लिए बीडब्ल्यूयु दिल्ली धावा बोलेगी, सांसदो का भी होगा साथ, इस्पात मंत्री के सामने खुलेगी एनजेसीएस और प्रबन्धन की पोल
भिलाई नगर 3 मार्च । एनजेसीएस कमिटी और एनजेसीएस युनियनों की अकर्मण्यता के वजह से सेल कर्मियों का आर्थिक नुकसान बढ़ता जा रहा है। जिससे सेल कर्मियों के हित में सेल के सभी यूनिटों की नाॅन एनजेसीएस युनियन अब आपस जुड़ रहीं है तथा सेल मैनेजमेंट और इस्पात मंत्रालय से बात करने के लिए आपस में विचार विमर्श कर रही है। इस क्रम में बीएसपी वर्कर्स युनियन सहित सेल के अन्य इकाईयों की नाॅन एनजेसीएस युनियन दिल्ली जाकर इस्पात मंत्री से मिलने वाली है। जिसमें इनका साथ सांसद भी देंगे।
सेल में एनजेसीएस युनियनों की सेल मैनेजमेंट के सामने लाचारी और नाकामी से सेल कर्मियों का पे पाॅकेट दिनों दिन घट रहा है। जिससे सेल कर्मियों में एनजेसीएस युनियनों के प्रति अविश्वास और गुस्सा भड़क रहा है। आधे अधुरे वेज रिवीजन, ग्रेच्युटी सीलिंग, 62 महीनों बाद भी वेतन समझौते का पुरा ना होना, कर्मियों का जबरन संस्पेशन और ट्रांसफर, सालों बाद भी सुविधाओं में बढ़ोतरी ना होना आदि लंबित मुद्दों ने एनजेसीएस युनियनों और एनजेसीएस कमिटी के क्रियाविधि पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। सेल का एक बड़ा धड़ा इस एनजेसीएस कमिटी के पुनर्गठन की मांग कर रहा है।
बीएसपी वर्कर्स यूनियन अध्यक्ष उज्जवल दत्ता ने कहा कि एनजेसीएस युनियनों और एनजेसीएस कमिटी के खिलाफ सेल की सभी नाॅन- एनजेसीएस युनियन एकसाथ हो रही है। सेल के सभी यूनिटों की नाॅन एनजेसीएस युनियन सेल कर्मियों के हितों और अधिकारों की रक्षा के लिए पहले अलग-अलग लड़ रही थी। लेकिन अधिकारियों के तुलना में कम एमजीबी और वैरियेबल पर्क्स, ग्रेच्युटी सीलिंग, 62 महीनों बाद भी फाइनल वेज एग्रीमेंट का होना, धीरे-धीरे घटती सुविधाएँ और सेल मैनेजमेंट की बढ़ती मनमानियों के खिलाफ सेल की अधिकांश नाॅन एनजेसीएस युनियन सांसद श्रीमती डोला सेन जी के साथ दिल्ली जाकर इस्पात मंत्री से मिलेगी, तथा इस्पात मंत्री को सेल कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय और शोषण से अवगत करेगी। इस्पात मंत्री से यह मीटिंग 15 मार्च से 17 मार्च के बीच होगी।
हमेशा प्रबंधन परस्त रही है एनजेसीएस
सेल कर्मचारियों के वेतन समझौते में यह देखा गया कि एनजेसीएस यूनियन प्रबंधन के साथ मिलकर कर्मचारियों को कम से कम आर्थिक लाभ करवाने में बराबर की भागीदारी निभाई हैं l कर्मचारियों के लिए इंटुक यूनियन बैठक के पहले ही प्रबंधन के सुर में सुर मिलाते हुए 10% एमजीबी एवं 23% पर्कस की घोषणा कर दिया था l सेल के इतिहास में पहली बार कर्मचारियों ने अपने हक के लिए हड़ताल का रास्ता अपनाया उसमें भी एन जे सी एस की सदस्य यूनियन इंटुक कर्मचारियों के विरुद्ध खड़ी रही l अब चुनाव में अपनी हार निश्चित देखते हुए सड़क से कोर्ट तक लड़ने की बात कर रही है यह पहला मौका है जब अपने ही किए गए समझौते के खिलाफ यूनियन आंदोलन की धमकी दे रही है
ग्रेजुइटी सीलिंग पर है मौन सहमति
भिलाई इस्पात संयंत्र के वरिष्ठ कर्मचारियों की ग्रेच्युटी सीलिंग से सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले लाखों रुपए के नुकसान हुआ है इसमें अब कर्मचारी केंद्रीय यूनियनों की मौन सहमति पर चर्चा कर रहे हैं आज 5 महीने बाद भी ना तो किसी फोरम पर कोई सार्थक चर्चा हुई है और ना ही कोई भी केंद्रीय यूनियन प्रबंधन के विरुद्ध कोर्ट ही गई है 2014 में भी इसी तरह मौन रहकर नए कर्मचारियों की ग्रेविटी सीलिंग कर दी गई थी
एरियर्स दिलाने की जगह कटवा दी राशि फरवरी में एनजेसीएस मीटिंग से पहले
39 महीने के कर्मचारियों के मिलने की बात कहने वाले अब एरियस पर स्पष्ट रूप से यह बताने की स्थिति में नहीं है जहां कर्मचारियों को इस महीने एरियाज तो नहीं मिला लेकिन उनके पेमेंट से 200 से लेकर ₹400 प्रति कर्मचारी वेज एरियर के रूप में काट लिया गया जिस पर सभी एनजेसीएस यूनियन मौन है।
इस्पात मंत्री के सामने खुलेगी एनजेसीएस और प्रबन्धन की पोल
बीडब्लूयू गैर एनजेसीएस फोरम में भिलाई का प्रतिनधित्व करेगा। आधा अधूरा समझौता कर्मचारियों के लिए जी का जंजाल बन गया है। युनियन अध्यक्ष ने कहा कि मीटिंग में इस्पात मंत्री को सेल कर्मियों से जुड़ी जमीनी हकीकत से अवगत कराया जाएगा। सेल मैनेजमेंट इस्पात मंत्रालय के सामने सेल कर्मियों के सभी पक्षों को नहीं रखता है, जिसका नुकसान सेल कर्मियों को उठाना पड़ता है। सेल महारत्न कंपनी होने के बावजूद भी कर्मियों को वेतन और सुविधाएँ देने में अन्य सरकारी प्रतिष्ठानों से पीछे है, जबकि सेल में अधिकारियों को अन्य पीएसयु जैसे ही वेतन, पदनाम, करियर ग्रोथ और सुविधाएँ मिल रही है। सेल मैनेजमेंट के इस पक्षपात रवैये से इस्पात मंत्री को अवगत कराया जाएगा। चालु वित्तीय वर्ष के शुरुआती नौ महीनों में सेल ने 9597 करोड़ रुपयों का ऐतिहासिक लाभ कमाया है तथा हर महीने सेल का रिकार्ड कैश कलेक्शन हो रहा है। जिसमें अधिकारियों के साथ साथ कर्मचारियों का भी बराबर मेहनत और योगदान है। सभी सेल कर्मियों के लिए बेहतर वेज रिवीजन, पदनाम, सुविधाओं और सुरक्षित कार्य क्षेत्र के लिए इस्पात मंत्री से बात होगी।
