दो दशक पहले बनाए गए इंसेंटिव फार्मूले के कारण बीएसपी कर्मियों को हो रहा आर्थिक नुकसान, शीघ्र संशोधित करे प्रबंधन — बीएकेएस

दो दशक पहले बनाए गए इंसेंटिव फार्मूले के कारण बीएसपी कर्मियों को हो रहा आर्थिक नुकसान, शीघ्र संशोधित करे प्रबंधन — बीएकेएस


भिलाई नगर 08 दिसंबर । बीएसपी अनाधिशासी कर्मचारी संघ ने निदेशक कार्मिक सेल को पत्र लिखकर भिलाई इस्पात संयंत्र में कार्यरत गैर कार्यपालक कर्मचारियों के लिए इंसेंटीव रिवार्ड में संशोधन करने का माँग किया है ।

यूनियन ने अपने पत्र में लिखा है कि
“ग्रेट प्लेस टू वर्क” की उपाधि से सेल को विभूषित किया गया है । परंतु इसकी सबसे बड़ी ध्वजवाहक इकाई, भिलाई इस्पात संयंत्र पूरे सेल की सबसे बड़ी इस्पात उत्पादक इकाई है , फिर भी , विगत 18 वर्षो से गैर कार्यपालक कर्मियों का इंसेंटीव / रिवॉर्ड फार्मूला का संशोधन नही किया गया है । यह आश्चर्य की विषय ऐसे भी है कि विगत 18 वर्षो में भिलाई इस्पात संयंत्र की उत्पादन क्षमता, लेबर प्रोडक्टिविटी, मुनाफा आदि में कई गुणा वृद्धि हुई है तो मैन पावर में भी कई गुणा कमी हुई है । जिसको निम्नलिखित आँकड़ो से समझा जा सकता है —

वित्त वर्ष 2006—07
क्रुड स्टील प्रोडक्शन (बीएसपी) — 4.79 एमटी

क्रुड स्टील प्रोडक्शन(सेल )- 13.51 एमटी

लेबर प्रोडक्टिविटी(BSP)– 200 टीसीएस/कर्म./वर्ष

गैर कार्यपालक कर्मचारियों की संख्या(बीएसपी):-31347(01/04/2007)
गैर कार्यपालक कर्मचारियों की संख्या(सेल)- 117605(01/04/2007)

वित्त वर्ष 2023—24
क्रुड स्टील प्रोडक्शन (बीएसपी) — 5.67 एमटी
क्रुड स्टील प्रोडक्शन (सेल)— 19.2 एमटी
लेबर प्रोडक्टिविटी (बीएसपी)—- 626 टीसीएस/कर्म./वर्ष
लेबर प्रोडक्टिविटी (सेल)– 579 टीसीएस/कर्म./वर्ष
गैर कार्यपालक कर्मचारियों की संख्या(बीएसपी):-12540 (01/04/2024)
गैर कार्यपालक कर्मचारियों की संख्या(सेल):-45700(01/04/2024)

उपरोक्त आँकड़ो से ही साफ है कि विगत 18 वर्षो मे भिलाई इस्पात संयंत्र के गैर कार्यपालक कर्मचारियों ने अपनी कर्मठता तथा लगनशीलता के बदौलत उत्पादन मे लगातार वृद्धि किया है , तो दूसरी तरफ कम होते मैनपावर का बावजुद उत्पादन को बढ़ाया है । उसका एक प्रमाण विगत 18 वर्षो में , लेबर प्रोडक्टिविटी में 189.5% की वृद्धि देखा जा सकता है । वित्त वर्ष 2006—07 में सेल स्तर की लेबर प्रोडक्टिविटी 200 टन क्रुड स्टील प्रति एम्पलाई प्रति वर्ष थी जो वित्त वर्ष 2023—24 मे 189.5% से बढ़कर , 579 टन क्रुड स्टील प्रति एम्पलाई प्रति वर्ष हो गई है । वित्त वर्ष 2024—25 मे 600 टीसीएस/कर्म./वर्ष के पार होने की संभावना है ।
उत्पादन मे लगातार सतत वृद्धि , सेल तथा भिलाई इस्पात संयंत्र मे कार्यरत गैर कार्यपालक कार्मिको के लगन तथा विशिष्ट कार्यशैली को प्रदर्शित कर रहा है । चुँकी सभी उत्पादन प्रक्रिया को पूर्ण करने की जिम्मेदारी गैर कार्यपालक कार्मिको के हाथो में ही होती है , इसलिए, यूनियन ने माँग किया है कि गैर कार्यपालक कार्मिकों के मनोबल तथा आर्थिक स्थिति को मजबुत करने के लिए इंसेंटीव रिवार्ड फॉर्मुले को बदला जाय ।

वर्ष 2007 में इंसेंटिव को तय करने हेतु बनाया गया अन्य पारामिटर

1 विभाग का प्रदर्शन
2.संयंत्र का प्रदर्शन

उपरोक्त दोनो मानको में भी बीएसपी तथा उसके सभी विभाग प्रतिमाह रिकॉर्ड प्रदर्शन कर रहे है ।

नवीन मिश्रा , कोषाध्यक्ष , बीएकेएस भिलाई ने कहा कि इंसेंटिव रिवॉर्ड राशि का समय पर प्रबंधन बिना वजह के संशोधन नही किया जा रहा है । कर्मचारियों को जानबूझकर आर्थिक घाटा कराया जा रहा है। एक तरफ चुरण रुपी बोनस तो दूसरी तरफ इंसेंटिव रिवार्ड तय करने का 18 वर्ष पुराना फॉर्मूला के कारण कर्मचारियों को प्रतिमाह कई हजार रुपया का नुकसान हो रहा है।