एचआर पर्क टैक्स की राशि बीएसपी प्रबंधन करें वहन, आवास योजना का छठवां चरण हो लागू – एचएमएस
भिलाई नगर 17 जनवरी । भिलाई इस्पात संयंत्र में जिन कर्मचारियों को बीएसपी द्वारा आवास आवंटित किया गया है उन्हें आवास के किराए में दोहरी मार सहन करनी पड़ रही है एक तो किराया तथा बिजली बिल दूसरा एचआर पर्क के रूप में टैक्स देना पड़ रहा है ।
जानिए क्या है एच आर पर्क –
कर्मचारियों की ग्रास सैलरी का 7.5 प्रतिशत राशि की गणना एचआर पर्क के रूप में की जाती है उस राशि के ऊपर टैक्स काटा जाता है, उदाहरण स्वरूप यदि किसी कर्मचारी की एक वित्तीय वर्ष की कुल ग्रॉस सैलरी 11 लाख रुपए है तो उसका 7.5 प्रतिशत यानी 82500 रुपये एचआर पर्क के रूप में गणना की जाती है एवं इस राशि का 30% टैक्स काटा जाता है अतः कर्मचारी को 24750 रुपए टैक्स के रूप में काटा जाता है ।
टाउनशिप के आवासों की हालत जर्जर
बीएसपी टाउनशिप के आवासों की हालत किसी से छुपी नहीं है कर्मचारी जर्जर आवासों में रहने को मजबूर हैं और इस टैक्स की गणना आवास के अनुरूप ना होकर ग्रॉस सैलेरी के अनुसार की जाती है ऊपर से किराया, बिजली बिल का भुगतान करना होता है कुल मिलाकर वरिष्ठ कर्मचारियों को 3000 से 4000 रुपए की राशि हर माह देना पड़ता है। भिलाई श्रमिक सभा एचएमएस के महासचिव प्रमोद कुमार मिश्र का कहना है कि अन्य पीएसयू में जब यह राशि प्रबंधन द्वारा वहन की जाती है तो बीएसपी प्रबंधन द्वारा ही इस राशि को वहन किया जाना चाहिए।
उप महासचिव हरिराम यादव का कहना है कि सन 2013 के पश्चात हाउस रेंट अलाउंस बंद है जिन कर्मचारियों ने उसके पूर्व बीएसपी आवास छोड़कर एचआरए ले लिया उन्हें छोड़कर बाकी कर्मचारियों को एचआरए नहीं मिल रहा है भले वे बीएसपी आवास में नहीं रह रहे हैं, सभी कर्मचारियों के लिए एचआरए का विकल्प रहना चाहिए।
यूनियन के प्रवक्ता साजिद खान का कहना है कि बाहरी लोगों को भी बीएसपी ने थर्ड पार्टी आवास आवंटित किए हैं इनसे जो किराया लिया जाता है उससे कहीं ज्यादा किराया एवं टैक्स बीएसपी कर्मचारियों को देना पड़ रहा है वर्तमान में वेज रिवीजन के पश्चात युवा कर्मचारी भी इसके दायरे में आ चुके हैं उन्हें भी लगभग 1500 रुपए तक की राशि हर माह टैक्स एवं किराए में देनी पड़ रही है।
उपाध्यक्ष दीपक मुदियार का कहना है कि यदि यही स्थिति रही तो भविष्य में कर्मचारी बीएसपी आवास छोड़ने पर मजबूर होंगे इससे अवैध कब्जों पर लगाम लगाना बीएसपी के लिए एक बड़ी चुनौती होगी इससे बचने के तीन विकल्प हो सकते हैं ।
1-एचआर पर्क के टैक्स की राशि बीएसपी प्रबंधन स्वयं वहन करें।
2- कर्मचारियों को आवंटित आवास को थर्ड पार्टी एलॉटमेंट में बदला जाना चाहिए।
3- छठवां चरण आवास लीज योजना लागू किया जाना चाहिए

