यूनियन चुनाव के बाद छुट्टियों को तर्कसंगत करेगा बीएसपी प्रबंधन

यूनियन चुनाव के बाद छुट्टियों को तर्कसंगत करेगा बीएसपी प्रबंधन


🔴त्रिपक्षीय समझौते में बनी सहमति

भिलाईनगर, 25 अगस्त 2026। बीएसपी में गैर-कार्यपालक कर्मचारियों की छुट्टियों में कथित असमानता का मुद्दा अब चुनाव के बाद गठित रिकॉग्नाइज्ड यूनियन/नेगोशिएटिंग काउंसिल के साथ चर्चा के जरिए सुलझाने की दिशा में आगे बढ़ेगा। क्षेत्रीय श्रमायुक्त (केंद्रीय), रायपुर की अध्यक्षता में हुई त्रिपक्षीय बैठक में बीएसपी प्रबंधन और बीएसपी अनाधिशासी कर्मचारी संघ (BAKS) के बीच इस संबंध में लिखित सहमति बनी है।

24 अगस्त 2026 को रायपुर में क्षेत्रीय श्रमायुक्त (कें.) अखिलेश राय की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें बीएसपी प्रबंधन की ओर से वरिष्ठ प्रबंधक-मानव संसाधन (नियम) निवेश विजयन और बीएकेएस की ओर से कोषाध्यक्ष नवीन कुमार मिश्रा ने पक्ष रखा। यह समझौता औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 की धारा 53(3) के तहत हुआ।

छुट्टियों में असमानता का उठाया गया मुद्दा

बीएकेएस ने 10 दिसंबर 2025 को समाधान पोर्टल के माध्यम से बीएसपी प्रबंधन के खिलाफ औद्योगिक विवाद दर्ज कराया था। यूनियन का आरोप था कि सेल की विभिन्न इकाइयों में गैर-कार्यपालक कर्मचारियों को मिलने वाली छुट्टियों और अवकाशों में अंतर है। यूनियन ने कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच तथा सेल की अन्य इकाइयों और बीएसपी के गैर-कार्यपालक कर्मचारियों के बीच छुट्टियों में कथित असमानता का मुद्दा उठाया।

यूनियन के अनुसार सेल अधिकारियों को छह बंद छुट्टियां मिलती हैं, जबकि गैर-कार्यपालक कर्मचारियों को एक बंद छुट्टी दी जाती है। इसी तरह आकस्मिक अवकाश (सीएल), अर्जित अवकाश (ईएल), त्योहार अवकाश और अन्य अवकाशों में भी अंतर का मुद्दा उठाया गया।

यूनियन ने बताया कि दिसंबर 1985 में नियुक्त कुछ गैर-कार्यपालक कर्मचारियों को 15 दिन सीएल और 30 दिन ईएल, जबकि अन्य गैर-कार्यपालक कर्मचारियों को 7 दिन सीएल और 24 दिन ईएल का लाभ मिल रहा है। बैठक के दौरान क्षेत्रीय श्रमायुक्त ने प्रबंधन से इस अंतर के आधार से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा था।

90 दिनों में होगा तुलनात्मक अध्ययन

लंबी चर्चा के बाद दोनों पक्षों के बीच तीन प्रमुख बिंदुओं पर सहमति बनी। इसके तहत औद्योगिक संबंध संहिता के तहत ट्रेड यूनियनों की चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद बीएसपी प्रबंधन विधिवत गठित नेगोशिएटिंग यूनियन/नेगोशिएटिंग काउंसिल से परामर्श कर मौजूदा छुट्टी प्रावधानों को तर्कसंगत बनाने का ठोस प्रस्ताव तैयार करेगा।

प्रबंधन लागू व्यवस्था की आगे समीक्षा कर आपसी सहमति से समाधान खोजने पर भी तैयार हुआ है। इसके अलावा समान उद्योगों में लागू छुट्टियों और अवकाश नीति का तुलनात्मक अध्ययन किया जाएगा। यह अध्ययन 90 दिनों के भीतर पूरा किया जाएगा और इसके निष्कर्ष नेगोशिएटिंग यूनियन/काउंसिल के साथ साझा किए जाएंगे। बीएकेएस ने भी इस अध्ययन के लिए आवश्यक जानकारी साझा करने पर सहमति जताई है।

अधिकारी-कर्मचारियों की छुट्टियों में अंतर

अवकाशसेल अधिकारीबीएसपी कर्मचारी
सीएल15 दिन7 दिन
एफएल/आरएच7 दिन5 दिन
विशेष त्योहार7 दिन1 दिन
ईएल30 दिन24 दिन

यूनियन ने अधिकारी और कर्मचारी के बीच आधे दिन के सीएल को लेकर भी भेदभाव का मुद्दा उठाया। बैठक में प्रबंधन की ओर से इस संबंध में जल्द आदेश जारी किए जाने का आश्वासन दिए जाने की बात यूनियन ने कही है।

बैठक में बीएकेएस की ओर से कोषाध्यक्ष नवीन कुमार मिश्रा सहित प्रवीण कुमार, अजय रत्न, विजय बहादुर सिंह और कृतजा बल्ली शामिल हुए।

बीएकेएस कोषाध्यक्ष नवीन कुमार मिश्रा ने कहा कि काम कराने और ट्रांसफर के समय गैर-कार्यपालक कर्मचारियों को सेल कर्मचारी माना जाता है, लेकिन सुविधाओं और छुट्टियों के मामले में बीएसपी कर्मचारी के रूप में अलग व्यवस्था लागू की जाती है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच छुट्टियों की असमानता को दूर किया जाना चाहिए। यूनियन ने पूर्व की रिकॉग्नाइज्ड यूनियनों पर भी छुट्टियों के मुद्दे पर प्रभावी पहल नहीं करने का आरोप लगाया।