सुदूर नक्सल प्रभावित क्षेत्र कांकेर के ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने बीएसएफ़ ने निभाई अहम भूमिका – प्रभारी आईजी,
फोर्स की तैनाती के महज 8 वर्षों में दिखने लगा विकास
भिलाई नगर 20 जनवरी। कांकेर जिले में सीमा सुरक्षा बल बीएसएफ ने तैनाती के मात्र 9 वर्षों में ही इस नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रहवासियों को मुख्य धारा में जोड़ पाने में सफल रहा है । विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा पाने में बीएसएफ सफल रहा है। इस सुदूर नक्सल प्रभावित क्षेत्र के बच्चे अब स्कूलों में जाने लगे हैं। इंटरनेट से जुड़ कर आज दुनिया को जान रहे हैं। ओवर ब्रिज, पुल, पुलिया, सड़क स्कूल के माध्यम से यहां के रहवासी जिला मुख्यालय से जुड़ गए हैं। अस्वस्थ व्यक्ति उचित इलाज के लिए अस्पताल तक पहुंच पा रहा है। यह कारनामा बीएसएफ ने कार्य करते हुए कर दिखाया है। परिणाम स्वरूप नक्सल प्रभावित क्षेत्र के लोग बीएसएफ का सहारा पाकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं । उपरोक्त बातें आज पत्र वार्ता के दौरान प्रभारी महानिरीक्षक (स्पेशल ऑप्श) सीमा सुरक्षा बल भिलाई सुमेंदर सिंह दबास ने आज सीमांत मुख्यालय भिलाई में कहीं।
श्री सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या समाधान के लिए सीमा सुरक्षा बल ने 18 जनवरी 2013 में में कार्य करना शुरू किया था। कांकेर के अति संवेदनशील बीहड़ों एवं दूरस्थ ग्रामीण इलाकों मे बीएसएफ फोर्स विपरीत परिस्थितियों में तैनात हुई थी। जिस उद्देश्य को लेकर फोर्स को तैनात किया था । 8 वर्षों में इन जिम्मेदारीपूर्ण कार्य को सफलतापूर्वक अंजाम देते आ रहा है । बल अपनी तैनाती के पश्चात अंदरूनी इलाकों में कैंप स्थापित कर धीरे-धीरे गांव वालों का भरोसा जीतने में कामयाब हुआ है । गांव वालों के दिलों में सुरक्षा की भावना एवं फोर्स के प्रति विश्वास जागृत हुआ है। बल द्वारा अब तक छत्तीसगढ़ में अपने कठिन प्रयासों से जिला कांकेर में सक्रिय 102 हार्डकोर नक्सलियों को आत्मसमर्पण करा कर समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई है। बल द्वारा अब तक नौ नक्सलियों को मार गिराया गया । 1082 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया और 537 जिंदा बम की बरामदगी फोर्स के द्वारा की गई है। इसके अलावा फोर्स नक्सल प्रभावित क्षेत्रों जिला कांकेर में विकास की नई परिभाषागढ़ पाने में कामयाब रहा है । आज मोबाइल के टावर फोर्स की मदद से स्थापित किए जा चुके हैं। सड़कों का निर्माण हो चुका है। स्थानीय नौजवानों को व्यवसायिक प्रशिक्षण देकर रोजगार प्रदान करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इसके अलावा फोर्स की प्रेरणा से यहां के नौजवान अब देश के सशस्त्र बलों में शामिल भी हो रहे हैं। यह नक्सल प्रभावित क्षेत्र भानूप्रतापपुर ,नारायणपुर, कोंडागांव, जगदलपुर सहित प्रदेश के अन्य जिलों से सड़क मार्ग द्वारा जुड़ गया है। अब आसानी से यहां के लोग दूरस्थ क्षेत्रों में आवागमन सुरक्षित ढंग से कर पा रहे हैं।
सामाजिक उत्तर दायित्व का निर्वहन कर रहा है बीएसएफ
श्री सिंह ने बताया कि नक्सल उन्मूलन के साथ-साथ फोर्स अपनी सामाजिक उत्तरदायित्व का भी निर्वहन बखूबी निभाते आ रहा है। कोरोना महामारी की विपरीत परिस्थितियों में फोर्स के द्वारा स्थानीय 18024 लोगों को सूखे राशन का वितरण किया गया। स्वास्थ्य सुविधाओं के तहत कैंप लगाकर बीमार लोगों का इलाज किया गया । रोजगार के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिसके कारण स्थानीय युवा फोर्स में भर्ती भी हो रहे हैं। सामाजिक गतिविधियों के सफलतापूर्वक संचालन का परिणाम भी देखने को मिल रहा है। आज यहां के लोग नक्सलियों को छोड़कर फोर्स के साथ जुड़ रहे हैं । स्थानीय लोगों के द्वारा जरूरत की वस्तुओं में दूध फल आदि का व्यवसाय फोर्स के जवानों के साथ किया जा रहा है । जिससे उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो रही है।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी किए जा रहे हैं कार्य
श्री सिंह ने बताया कि फोर्स के द्वारा नक्सली उन्मूलन के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं । सीमा सुरक्षा बल के द्वारा कांकेर एवं दूरस्थ पहले गांव में सात वृहद पैमाने पर पौधारोपण के कार्य 2021 में किए गए हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए 24 चिकित्सा शिविर एवं 40 सिविक एक्शन प्रोग्राम भी चलाए गए हैं। गरीबों एवं स्कूली बच्चों को करीब 50 लाखों रुपए की की वस्तुएं मुहैया कराई गई। जल संरक्षण की दिशा में भी फोर्स के द्वारा कार्य किए जा रहे हैं इसके पश्चात सोलर एनर्जी का अधिक से अधिक उपयोग करने के लिए भी स्थानीय लोगों को प्रेरित किया जा रहा है । उन्होंने कहा कि फोर्स देश की सुरक्षा के साथ-साथ देश की उन्नति एवं तरक्की के लिए भी कार्य कर रहे हैं।
राजघाट परियोजना के लिए तेजी से हो रहा है काम
श्री सिंह ने बताया कि रावघाट परियोजना के लिए भी रेलवे लाइन का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। फोर्स के साथ भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन की बैठक भी हो चुकी है। दोनों ही संस्थाएं क्षेत्र में शांति एवं विकास के लिए कार्य कर रहे हैं। बीएसपी प्रबंधन रावघाट क्षेत्र के 22 गांव के लिए करीब 50 लाख रुपए फोर्स को दे रहा है ताकि सीमा सुरक्षा बल इन गांव में विकास के कार्य कर सकें साथ ही ग्रामीणों की आवश्यकताओं की पूर्ति इस राशि के माध्यम से की जा सके।