सीजी न्यूज ऑनलाइन 22 मार्च । मृत शिक्षक के बकाया भुगतान के लिए 1.24 लाख रुपये की रिश्वत मांगने वाले शिक्षा विभाग के क्लर्क को निलंबित कर दिया गया है। कलेक्टर अवनीश शरण के निर्देश पर हुई जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद कोटा BEO को भी हटा दिया गया और मामले की विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। मृत शिक्षक की पत्नी, जो सहायक शिक्षिका हैं, उसने कर्मचारी जनदर्शन में शिकायत की थी। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर की तत्परता से दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की गई है।
कलेक्टर बिलासपुर को 10 मार्च 2025 को शिकायतकर्ता श्रीमती निलम भारद्वाज सहायक शिक्षिका एलबी शा० प्रा०शा० औछिनापारा वि०ख० कोटा द्वारा प्रस्तुत शिकायत कि उनके पति स्व. पुष्कर भारद्वाज (शिक्षक) की मृत्यु उपरांत देय स्वत्वों के भुगतान न किये जाने व उनके एवज में विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी कोटा के लिपिक एकादशी पोर्ते द्वारा रूपये 1 लाख 24 हजार की मांग की जा रही है। कलेक्टर ने जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की। जांच अधिकारी ने अपने प्रतिवेदन 21 मार्च को प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए अपने अभिमत में स्पष्ट करते हुए लेख किया है कि विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी कोटा विजय टाण्डे एवं लिपिक एकादशी पोर्ते की मिली भगत से मृत शिक्षक के परिवार की राशि को रोककर रखना, संबंधित को भुगतान नहीं करना लेन देन की मंशा रखी। जांच में शिकायतकर्ता की शिकायत की पुष्टि करता है।

कलेक्टर ने एकादशी पोर्ते सहायक ग्रेड-2 कार्यालय विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी कोटा का उपरोक्तानुसार कृत्य सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 के प्रतिकूल होने के कारण उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी कोटा विजय टाण्डे को आगामी आदेश पर्यन्त कार्य संपादन हेतु प्राचार्य शासकीय हाई स्कूल खुरदूर विख कोटा किया गया है।

कलेक्टर अवनीश शरण के निर्देश पर भ्रष्टाचार के खिलाफ दो लोगों पर कठोर कार्रवाई की गई है। आरोप है कि शिक्षा विभाग के BEO और बाबू मिल कर एक मृत शिक्षक के स्वत्व भुगतान के लिए उसकी पत्नी से सवा लाख रूपये की रिश्वत मांग रहे थे।

