एमएससी मेरीट में आने वाली भिलाई की छात्रा 17 वर्ष झेलती रही दहेज प्रताड़ना का दंश, छिंदवाडा़ निवासी ससुरालियों के खिलाफ जुर्म दर्ज
भिलाई नगर, 25 अप्रैल। विवाह 17 वर्ष तक दहेज प्रताड़ना झेल रही महिला को जब बच्चे समेत ससुराल पक्ष ने घर से निकाल दिया तो छिंदवाडा़ से वह भिलाई अपने पिता के घर लौटी। पिछले 11 माह से समझौते के लिए मिन्नतों और पुलिस काउंसलिंग के बाद भी जब पति, सास, ससुर और ननद अड़े रहे तो महिला थाना दुर्ग में धारा 498-ए और 34 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। पीड़िता सेक्टर-9 में दो बच्चों को लेकर माता के साथ 15 मई 2021 से रह रही है।
उसने पुलिस को बताया कि 26 जनवरी 2004 को सामाजिक रीति रिवाज से उसका विवाह दीपक शर्मा पिता तिलक राज शर्मा निवासी शिवम सुंदरम कालोनी, वार्ड-10 पीजी कालेज रोड छिंदवाडा़ के साथ हुआ। माता पिता ने हैसियत अनुसार जेवर एवं सामान उपहार स्वरूप दिये थे। शादी के बाद 6 माह तक सब ठीक था, उसके बाद पति दीपक शर्मा, सास श्रीमती कमलेश शर्मा, ससुर तिलक राज शर्मा एवं ननद विधि शर्मा सभी मिलकर कहने लगे कि तुम्हारे मां बाप ने दहेज में कुछ नहीं दिया, हमने सोचा था भिलाई में आफिसर की लड़की से शादी कर रहे हैं बिना मांगे ही दहेज मिलता लेकिन तेरे मां बाप ने ठग लिया। धीरे धीरे शारीरिक एवं मानसिक प्रताड़ना शुरू कर दी। पति एवं ससुराल वाले 10 लाख रूपये एवं कार की मांग कर प्रताड़ित करते रहे। पीड़िता के पिता के रिटायर होने पर उसे पैतृक सम्पत्ति से अपना हिस्सा मांगने हेतु दबाव बनाया जाने लगा, मना करने पर मारपीट करते थे। महिला के आलावा दोनों बच्चो को भी प्रताड़ना सही पडी़। मायके वालों को बोल कर वाशिंग मशीन मांगने पर उसके पिता ने 7 हजार रूपये दिये लेकिन रूपये लेकर मेरे ससुराल वालों ने अपने पास रख लिया। महिला ने पुलिस को बताया कि शादी के पूर्व उसके पति की शिक्षा बीए, पीजीडीसीए, मेडीकल रिप्रेजेंटेटिव का एक वर्ष का अनुभव बताया गया था लेकिन शादी के बाद पता चला कि दीपक ने अपनी पढ़ाई कभी पूरी ही नहीं की थी। वह एक कोर्स छोडकर दूसरा ज्वाईन करने लग जाता था और इसी तरह उसकी पूर पढ़ाई अधूरी रह गई जबकि महिला एमएससी टेक्सटाईल में मेरिट लिस्ट में उत्तीर्ण छात्रा रही है।
