दुर्ग जिले के सभी निगम पर भारी भिलाई का “मेगा बजट” हुआ पेश, विकास और मूलभूत सुविधाओं पर फोकस, बजट लेकर निगम पहुंचे महापौर नीरज पाल
भिलाई नगर, 30 मार्च। नगर पालिक निगम भिलाई में आज महापौर नीरज पाल ने बजट पेश कर दिया है। उन्होंने भिलाई के विकास के लिए जिले का सबसे बड़ा बजट पेश करते हुए सदन के समक्ष रखा जो कि कुल 722 करोड़ 76 लाख 36 हजार रुपए का है।

बजट सदन में आते ही विपक्षी पार्षदों ने जमकर हंगामा शुरू किया। अन्य निकायों की तरह यहां भी बजट पुस्तिका उपलब्ध न कराए जाने को लेकर विपक्षी पार्षदों ने जमकर हंगामा किया। कई मुद्दों पर गहमा गहमी का माहौल बना। इसके बाद भी महापौर नीरज पाल ने बजट के प्रमुख बिंदुओं को सामने रखा। विपक्षी पार्षदों के हंगामे के बीच महापौर नीरज पाल ने बजट की प्रमुख बातें सदन में रखी और बहुमत के आधार पर बजट पारित किया गया।
बजट की खासबात यह है कि यह दुर्ग जिले के तीनों निकायों से ज्यादा है। मंगलवार का दुर्ग निगम में महापौर धीरज बाकलीवाल ने 337 करोड़ रुपए का बजट पेश किया है। वहीं नगर निगम रिसाली में भी मंगलवार का बजट हुआ इस दौरान महापौर शशि सिन्हा ने 118 करोड़ रुपए का बजट पेश किया। सप्ताह भर पहले भिलाई चरोदा निगम में महापौर निर्मल कोसरे ने 257 करोड़ रुपए का बजट पेश किया था।

आज भिलाई निगम में महापौर नीरज पाल बजट गोबर से बने ब्रीफकेस में लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल के बाद गोबर से बना ब्रीफकेस प्रदेश में बजट का ब्रांड बन गया है। लगभग सभी निकायों में महापौर द्वारा इसी ब्रीफकेस का इस्तेमाल कर रहे हैं। महापौर नीरज पाल ने गोधन से बने ब्रीफकेस में भिलाई के विकास के लिए 722 करोड़ 76 लाख 36 हजार रुपए का बजट प्रस्तुत किया।
बजट बैठक शुरू होने के बाद भाजपा पार्षदों का भी हंगामा शुरू हो गया। भाजपा पार्षदों ने सदन में मुद्दों पर चर्चा नहीं करने का आरोप लगाया है। उन्होंने सदन के भीतर ही बैनर लेकर नारेबाजी भी की। भाजपा पार्षदों की मांग थी कि एक-एक बिंदु पर चर्चा की जाए। बजट पर चर्चा न होने से नाराज भाजपा पार्षद सदन के बाहर भी चले गए था। भाजपा पार्षदों ने यह भी आरोप लगाया कि महापौर सदन में बहुमत का दुरुपयोग कर रहे हैं।

भिलाई नगर निगम के महापौर नीरज पाल ने अपने बजट भिलाई वासियों को बड़ा तोहफा दिया है। महापौर ने बजट प्रस्तुत करते हुए कहा है कि शहर वासियों के लिए किसी प्रकार का टैक्स नहीं बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा है कि वर्ष 2021-22 की तरह वर्ष 2022-23 में भी टैक्स के दर यथावत रहेंगे। उन्होंने कहा कि विगत 2-3 वर्षों से कोविड के चलते आम लोगों को विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ा है। इसलिए किसी भी प्रकार के करों में बढ़ोत्तरी नहीं की जा रही है।

